आगरालीक्स… रात आठ से सुबह आठ बजे तक एक्सप्रेस वे रहने चाहिए बंद, मेयर आगरा ने सीएम योगी से की मांग, आपका क्या है विचार.
आगरा के मेयर नवीन जैन ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर यमुना और लखनऊ एक्सप्रेस वे पर 12 घंटे के लिए वाहनों के आवागमन को प्रतिबंधित करने की मांग की है।
मेयर नवीन जैन का पत्र, दिए तर्क
आदरणीय मुख्यमंत्री जी, आपके नेतृत्व में हमारा प्रदेश लगातार चहुंओर विकास पथ पर अग्रसर है। वैश्विक महामारी के दौर में भी आपने ऐसे अद्भुत काम किये जिससे न केवल प्रदेश की करोड़ों जनता कोरोना जैसी भंयकर बीमारी से बची रही बल्कि लाॅकडाउन के दौरान भी कोई परिवार भूखा नहीं रहा। आपकी इस शानदार कार्यशैली से हमारा प्रदेश पूरे देश के लिए एक नजीर बना। विश्व स्वास्थय संगठन ने भी आपके इस कार्य की प्रंशसा की। कोरोना को मिटाने के लिए वैक्सीनेशन की भी शुरूआत हो चुकी है। हालांकि सर्दी बढ़ने के साथ कोरोना वायरस के प्रकोप के बढ़ने की बात कही गयी थी, आपकी कार्यकुशलता के चलते प्रदेश में अभी तक ऐसा कोई प्रकरण देखने को नहीं मिला है लेकिन आपका ध्यान मैं इस ओर दिलाना चाहता हूं कि इन दिनों कोरोना के अलावा दूसरे कारणों से भी लोगों की मृत्यु की घटना में इजाफा हो रहा है।
सर्दी बढ़ने के साथ ही अब कोहरे का सितम भी देखा जा रहा है जिसकी सबसे बड़ी मार सड़क और हाइवे पर चलने वाले वाहनों पर देखी जा रही है। घने कोहरे में शून्य दृश्यता होने के कारण पिछले एक सप्ताह में आगरा जिले में और आगरा से जुड़े हाइवे की सड़कों पर वाहन दुर्घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है जिसमें कई जाने जा चुकी हैं। समाचार पत्रों अथवा न्यूज चैनलों के माध्यम से आपको भी अवगत हुआ होगा कि 16 व 17 जनवरी 2021 को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे और यमुना एक्सप्रेस वे पर कई सड़क दुर्घटनाएं हुईं। घने कोहरे के कारण वाहन एक दूसरे से टकरा रहे हैं और लोगों की जान जा रही हैं। कोहरे के कारण ही दुर्घटना होने के बाद राहत कार्य और इलाज सहायता में देरी हो जाती है जिसके अभाव में अक्सर गंभीर घायल भी असमय काल के गाल में समा जाते हैं।
क्योंकि जीवन से बड़ा कोई काम महत्वपूर्ण नहीं है। इसलिए उपरोक्त कारणों को ध्यान में रखते हुए मेरी आपसे यह मांग है कि कोहरे के प्रभाव को देखते हुए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे और यमुना एक्सप्रेस वे (आगरा-नोएडा एक्सप्रेस वे) पर रात्रि 8 बजे से लेकर सुबह 8 बजे तक यातायात प्रतिबंधित रखा जाए। मुझे आशा है कि आप जनहित को ध्यान में रखते हुए इस पर जरूर विचार करेंगे।
एक्सप्रेस वे पर तेज स्पीड दौडती हैं गाडियां
यमुना और लखनऊ एक्सप्रेस वे पर तेज स्पीड गाडी दौडती हैं, इससे टायर फट जाने और गाडियों के अनियंत्रित होने से भी आए दिन हादसे हो रहे हैं, हादसों में मरने वाले अधिकांश की उम्र 30 से 50 के बीच है। हादसों पर रोक नहीं लग पा रही है।
यमुना एक्स्प्रेस वे पर हर 36 घंटे में हादसे में एक की मौत
पिछले साल की रिपोर्ट के अनुसार यमुना एक्सप्रेस पर हो रहे हादसों में हर 36 घंटे में एक की मौत हो रही है। यमुना एक्सप्रेस वे 2012 में चालू हो गया था, इसके बाद से हादसों में लगातार मौतें हो रही हैं।
साल दर सल हादसों में मौत
2017 . 146
2018 . 111
2019 . 150
2020 आंकडे उपलब्ध नहीं हैं