
राम विलास पासवान की लोजपा महज दो सीटों में सिमट गई तो पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी सिर्फ अपनी ही एक सीट जीत पाएं। दो सीटों से चुनाव लड़ने वाले मांझी को अपनी दो में से एक सीट गंवानी पड़ी।
महागठबंधन में सबसे ज्यादा चौंकाने वाले परिणाम कांग्रेस के रहे। महज 41 सीटों में चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस ने अपेक्षाओं से बहुत ज्यादा बढ़ते हुए 27 सीटें जीतीं। खुद कांग्रेसी नेता भी इतनी सीटें जीतने की उम्मीद नहीं कर रहे थे।
160 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली बीजेपी को 53 सीटें मिलीं। 2010 के चुनावों में सबसे बड़ी हार बीजेपी की ही रही। 2010 के चुनावों में बीजेपी को 91 सीटें मिली थीं जोकि इस चुनाव में 38 सीटें कम हैं।
बीजेपी के बाद रामविलास पासवान की लोजपा बीजेपी के बाद इस गठबंधन में सबसे ज्यादा सीटें लड़ी थी। 60 सीटों में लड़ने वाली लोजपा को इस चुनाव में महज 2 सीटें मिलीं। मजे की बात यह है कि लोजपा को पिछले चुनाव में भी इतनी ही सीटें मिली थीं।
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