आगरालीक्स(25 July 2021 Agra News)। आगरा में आधे शहर में पानी की किल्लत बनी हुई है। उमस भरी गर्मी में लोग पानी के लिए परेशान हैं। बुधवार तक आएगा पानी।
आधे शहर में पानी को हाहाकार
जीवनी मंडी वाटर वर्क्स गेट पर पानी की पाइप लाइन टूटने से आधे शहर में पानी की आपूर्ति ठप है। लोगों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। शुक्रवार से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। शनिवार तो जैसे—तैसे निकल गया लेकिन रविवार को पानी के लिए हालात विकराल हो गए। जीवनी मंडी वाटर वर्क्स से पोषित इलाकों छीपीटोला, लोहामंडी, जीवनी मंडी, काला महल, बालूगंज, विजय नगर,पथवारी, गुदड़ी मंसूर खां, कचहरी घाट, हींग की मंडी, पीर कल्याणी, मंटोला, कोतवाली समेत आधे शहर के करीब आठ लाख लोग पानी के लिए जूझते रहे।
मौके पर डटे अधिकारी
जल संस्थान के सचिव एसके श्रीवास्तव ने बताया कि आगरा स्मार्ट सिटी की 1200 एमएम की पाइप लाइन जा रही है। इसके नीचे जलसंस्थान की पाइप लाइन है। यह 28 इंच की है। शुक्रवार को यह टूट गई। तब से ही पानी की आपूर्ति ठप हो गई। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात से ही दिन—रात काम चल रहा है। शनिवार को भी दिन—रात कर्मचारी मरम्मत काम में लगे रहे। महाप्रबंधक समेत सभी इंजीनियर मौके पर डटे हैं।
दूसरी लाइन के लिए कर रहे खुदाई
सचिव एसके श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार शाम से मरम्मत का काम शुरू हुआ। शनिवार को लीकेज का पता चल पाया। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी की पाइप लाइन में नुकसान न हो, इसको ध्यान में रखते हुए काम किया जा रहा है। काम करते समय कर्मचारी सतर्कता बरत रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब तय किया गया है कि उसके बराबर से दूसरी लाइन डाली जाए। इसके लिए खुदाई की जा रही है। काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है।

बुधवार तक पानी आने की संभावना
सचिव एसके श्रीवास्तव ने बताया कि कर्मचारी मरम्मत काम में लगे हुए हैं। बुधवार तक पानी की आपूर्ति सुचारु होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि अगर इससे पहले यह लाइन ठीक हो गई तो पानी की आपूर्ति तब से ही सुचारु कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द काम पूरा हो।
रात दो बजे तक नलों को चेक करते रहे लोग
गोकुलपुरा निवासी शरद ने बताया कि शुक्रवार शाम को आपूर्ति ठप है। शनिवार सुबह तो जैसे—तैसे निकल गई। लेकिन शाम को दिक्क्त बढ़ गई। वह पास के हैंडपंप पर पहुंचे तो वहां पहले से ही लाइन लग रही थी। उन्होंने बताया कि इसके बाद रात दो बजे तक नलों को चेक करते रहे कि पानी की आपूर्ति हुई या नहीं। ऐसा ही हाल अन्य इलाकों के लोगों का था, वे रात भर मोटर चलाकर देखते रह गए कि नलों में पानी तो नहीं आया।
रविवार को हालात और हुए खराब
उमस भरी गर्मी में रविवार को भी पानी की आपूर्ति नहीं होने से हालात और खराब हो गए। बेलनगंज निवासी अमित गोयल ने बताया कि रविवार को जब वह हैंडपंप पर गए तो लाइन लगी थी। तब पड़ोसी के यहां लगे सबमर्सिबल की मदद से पानी भरा।
लॉकडाउन तो भरा पानी, सोमवार से अधिक परेशानी
माईथान के आकाश ने बताया कि शनिवार और रविवार को लॉकडाउन था। दुकानें बंद थीं। लोग घरों में थे। ऐसे में पानी की व्यवस्था कर ली। लेकिन सोमवार को परेशानी अधिक होगी। एक तो दुकान पर जाने का दबाव होगा, ऊपर से घर में पानी लाने का।
बिगड़ गई दिनचर्या
गोकुलपुरा के समक्ष ने बताया कि पानी न आने से दो दिन से दिनचर्या ही बिगड़ गई है। सुबह उठकर सबसे पहले पानी के लिए दौड़ लगानी पड़ती है। रविवार तड़के चार बजे ही पानी का बर्तन लेकर पास के हैंडपंप पर पहुंच गए। तब भी वहां तीन—चार लोग खड़े थे।