आगरालीक्स(09th August 2021 Agra News)… आगरावाले अब चीनी कम खा रहे हैं। इससे मिठास के कारोबार को बड़ा झटका लगा है। चीनी की खपत में भारी कमी…।
चीनी कारोबारी घाटे में
कोरोना और लॉकडाउन ने सबसे ज्यादा किसी को प्रभावित किया है तो वह है मिठास के कारोबार को। हर साल त्योहार के समय चीनी की मांग काफी बढ़ जाती थी लेकिन पिछले डेढ़ साल से इसमें ब्रेक लग गए हैं। तीस प्रतिशत तक की गिरावट आ चुकी है। मुनाफा तो दूर की बात चीनी कारोबारी अब घाटे में हैं।
स्कूल बंद तो टॉफियों की बिक्री कम
चीनी के कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि करीब दो साल से स्कूल, कॉलेज बंद हैं। ऐसे में टॉफियां, गोली की बिक्री पर भी प्रभाव पड़ा है। इस कारण यहां भी चीनी जाना बंद हो गई है। इसके अलावा पर्यटन गतिविधियां भी अब सीमित हो गई हैं। इस कारण भी चीनी कारोबार प्रभावित है।
पेठा उद्योग से बड़ा असर
पर्यटकों के न आने के कारण पेठे के उत्पादन में कमी आई है। इस कारोबार में बड़ी मात्रा में चीनी का प्रयोग किया जाता था। यह सेग्मेंट इस समय अपने अस्तित्व के लिए जूझ रहा है।
3500 कुंतल पर आई खपत
उ.प्र. उद्योग व्यापार मंडल, आगरा इकाई के महामंत्री गिर्राज कुमार अग्रवाल ने बताया कि आगरा में चीनी की दैनिक खपत लगभग 5000 कुंतल है। लोगों की खानपान आदतों के साथ ही गोली टॉफी बिस्किट और कोल्ड जैसे सेग्मेंट स्कूल कॉलेज बंद होने के कारण प्रभावित चल रहे हैं। लॉकडाउन के समय आगरा में चीनी की खपत लगभग 4500 से लेकर 5000 कुंतल थी। अब यह आंकड़ा 3000-3500 कुंतल पर आ गया है। रिटेलर भी चीनी की बिक्री करते समय मुनाफा दो रुपये किलो से ज्यादा नहीं जोड़ते। मिलों से 3300 रुपये कुंतल के भाव से बिकने वाली चीनी फुटकर में आसानी से 37 रुपये किलो में मिल जाती है।

ऐसे पड़ता गया असर
बेकरी: 100 कुंतल चीनी की खपत करता था। अब लगभग 50 कुंतल दैनिक की खपत रह गई है। इनकी बिक्री पहले जैसी नहीं है।
मिठाई: आम दिनों में शहर के मिठाई कारोबार में 1500 कुंतल से भी ज्यादा बोरियों की खपत होती थी। इस समय आंकड़ा 1200 पर सिमट गया है।
पेठा: सामान्य हालातों में दैनिक खपत 1000 कुंतल रोज की थी। वर्तमान में आगरा के पेठा उद्योग में 700 कुंतल चीनी की भी खपत नहीं रही है।
कन्फेक्श्नरी: रोजाना 400 कुंतल चीनी की खपत वाले इस सेक्टर में अभी भी इकाइयां पूरी क्षमता पर नहीं आई हैं। खपत 300 कुंतल भी नहीं रही है
अन्य सेक्टर: इसमें घरेलू आवश्यकता के साथ तमाम तरह के शर्बत, लस्सी सहित अन्य मीठे पेय, खानपान एवं तरह तरह के सामान शामिल है।