आगरालीक्स…जंगल में सबसे बड़ा चमत्कार. प्लेन क्रैश के 40 दिन बाद अमेजन के घने जंगल में जिंदा मिले 4 बच्चे. बच्चों की उम्र 1, 4, 9 और 13 साल…सेना ने ऐसे खोजा कि आप हैरान रह जाएंगे
कोलंबिया के अमेजन के जंगलों में एक ऐसा चमत्कार हुआ है जिसे जानकर पूरी दुनिया शॉक्ड रह गई है. प्लेन क्रैश के 40 दिन बाद 4 बच्चों को जिंदा रेस्क्यू किया गया है. ये सभी बच्चे आपस में भाई बहन हैं और इनकी उम्र 1 साल, 4 साल, 9 साल और 13 साल है. मिलिट्री के जवानों को ये बच्चे कोलंबिया के कैक्वेटा और गुआवियारे प्रांत की सीमा पर घने जंगल में मिले हैं. कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने इस दिन को मैजिकल डे बताया है. राष्ट्रपति ने मिलिट्री के जवानों के साथ इन बच्चों की तस्वीरें भी शेयर की हैं.

1 मई को हुआ प्लेन क्रैश, 16 मई को मिला था प्लेन का मलबा
हादसा 1 मई को हुआ था. सेसना 206 प्राइवेट प्लेन था और इसमें 4 बच्चों सहित सात लोग सवार थे. यह प्लेन अराराक्वारा से सैन डेल ग्वावियारे जा रहा था. इसी बीच यह क्रैश हो गया. हादसे के बाद यह प्लेन रडार से गायब हो गया. लगातार सर्च अभियान के 16 दिन बाद 16 मई को इस प्लेन का मलबा अमेजन के जंगल में मिला था. इसमें पायलट समेत 3 शव मिले थे जिसमें से एक महिला का था लेकिन इस महिला के चारों बच्चे गायब थे.

घटना की जानकारी मिलने के बाद कोलंबिया सरकार और मिलिट्री ने बच्चों का रेस्क्यू के लिए आपरेशन होप शुरू किया था. इस दौरान अमेजन घने जंगलों में बच्चों की खोज सेना के जवानों ने शुरू की. इस दौरान जंगल से बच्चों का सामान बरामद हुआ जिसमें कैंची, दूध की बोतल, हेयर टाई और टेम्पररी शेल्टर शामिल था. इसके अलावा बच्चों के पैरों के निशान भी नजर आए थे. ऐसे में बच्चों की तलाश और तेज की गई. सर्चिंग के दौरान मिलिट्री हेलिकॉप्टर से बच्चों की दादी की आवाज में एक रिकॉर्डेड मैसेज भी सुनाया गया था जिससे बच्चे एक जगह रुक जाएं या कोई सिग्नल दे सकें. हेलिकॉप्टर से ही बच्चों के खाने के पैकेट जंगल में फेंके गए. 131 फीट लंबे पेड़ होने की वजह से जवानों को रेस्क्यू एंड सर्च आपरेशन में दिक्कतें आ रही थीं लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. स्निफर डॉग्स की भी मदद ली गई. शुक्रवार को सेना के जवानों को सफलता मिल ही गई. चारों बच्चों को उन्होंने घने जंगलों में पाया. बच्चों को फस्र्ट ऐड दिया गया और उन्हें खाने के लिए दिया गया. ये बच्चे इतने दिन तक कैसे सुरक्षित रहे और इन्होंने कैसे इतने दिन घने जंगलों में काटे ये तो नहीं पता लग सका है लेकिन दुनिया इस आश्चर्य को भगवान की कृपा बता रही हैं और सेना के जवानों को सलाम कर रही है.
