आगरालीक्स.. आगरा में सेलिब्रिटी गेस्ट 70 से 80 के दशक कीं मशहूर फिल्म अभिनेत्री जीनत अमान ने बताया कि उनके दौर में कैसे महिलाएं सुडौल दिखने के लिए तरीके अलग थे। धनिया, तुलसी, पुदीना, सौंफ, मैथी, खीरा, ककड़ी, टमाटर आदि की भारतीय रसोई में खास जगह रही है। कैसा हो अगर आप अपनी छत, बरामदे व गमलों में भी इन्हें जगह देकर अपना खुद का गार्डन तैयार करें और ताजी हरी सब्जियों व औषधीय पौधों को अपने और परिवार की सेहत के लिए इस्तेमाल करें। आगरा में विशेषज्ञों ने इन्हीं सब बातों पर खास जानकारियां दीं।

अलग-अलग मंचों के माध्यम से आगरा में लोगों को अच्छे खान-पान और पोषण के प्रति प्रेरित कर रहे द गुरमेट क्लब आफ आगरा की ओर से होटल क्लाक्र्सशीराज में शुक्रवार को माइक्रोग्रीन्स (किचन फार्मेसी मास्टर क्लास) का आयोजन किया गया। अपराह्न तीन बजे से शुरू हुई कार्यशाला में क्लब कीं अध्यक्ष डा. रेणुका डंग, डॉ संगीता भटनागर एवं उपाध्यक्ष मयूरी मित्तल ने छोटे-छोटे प्रयासों से घर में सलाद उगाने और हैल्दी रहने के टिप्स दिए। बताया कि आप घर में एक बगीचा बना सकते हैं जहां तुलसी, धनिया, खीरा, ककड़ी, सौंफ, मैथी, पुदीना, टमाटर जैसे सेहत और औषधीय गुणों से युक्त पौधे लगा सकते हैं। चाहें तो आप इस तरह के पौधों को अपनी जरूरत के अनुरूप लगा सकते हैं। इस तरह यह चीजें व्यवसायिक फसलों में इस्तेमाल होने वाले रसायनों से भी मुक्त रहेंगी। सलाद और औषधियों को जितना ताजा इस्तेमाल में लाया जाए, उतना बेहतर। इन पौधों में विटामिन, मिनरल, एंटीआॅक्सिडेंट व फाइटोन्यूट्रिएंस भरपूर मात्रा में होते हैं। इतना ही नहीं इनका उपभोग आपको कई तरह की बीमारियों से भी बचाए रखता है।

कार्यशाला में बतौर सेलिब्रिटी गेस्ट शामिल हुईं 70 से 80 के दशक कीं मशहूर फिल्म अभिनेत्री जीनत अमान ने बताया कि उनके दौर में जब पोषण सलाहकार नहीं थे या यह एक विशेष क्षेत्र नहीं था तब भी लोग सेहत का ध्यान रखते थे, बस उनके तरीके अलग थे। दुनिया की कोई जलवायु हो इंसान के शरीर के लिए जो आवश्यक तत्व हैं वे समान ही रहते हैं। प्रकृति ने जलवायु के आधार पर अनाज, फल आदि बनाए हैं। खाने-पीने की आदतों व मान्यताओं के कारण एडजस्ट करने में परेशानियां भले ही आ जाएं, प्रकृति की ओर से ऐसा कोई अंतर नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि आज की तरह की पहले भी लोगों ने शरीर को स्वस्थ रखने के कुछ नियम बना रखे थे, बस फर्क ये था कि तब कही-सुनी बातों के आधार पर ऐसा किया जाता था। हालांकि भारत में खान-पान को लेकर विद्वानों-जानकारों की वे बातें आज भी विज्ञान से मेल खाती हैं। पहले ज्यादातर सेलिब्रिटीज भी खुद को इसी तरह फिट रखते थे। विशिष्ट अतिथि मंडलायुक्त अनिल कुमार कीं धर्मपत्नी अर्चना कुमार ने कहा कि फुल ग्रोन वेजिटेबिल से ज्यादा हेल्दी उनका माइक्रो फाॅर्म होता है।

इनमें एंटीआॅक्सिडेंट के साथ ही दूसरे जरूरी तत्वों की मात्रा कई गुना अधिक होती है। जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार कीं धर्मपत्नी डा. हेमलता ने कहा कि आजकल हर तरह की डाइट में आॅर्गेनिक वेजिटेबिल के इस्तेमाल को लेकर लोग जागरूक हो रहे हैं। ऐसे में इस तरह की कार्यशालाएं बेहद जरूरी हो जाती हैं। डीआईजी लव कुमार कीं धर्मपत्नी शक्ति सिंह ने कहा कि माइक्रोग्रीन्स को आम तौर पर सैलेड और माइक्रोन्यूट्रिएंट से भरपूर बुद्धा बाउल के रूप में कंज्यूम किया जाता है। इसके अलावा हर तरह खान-पान में यह आपको अच्छी सेहत प्रदान करते हैं। अतिथियों ने पोषण को लेकर ‘द गुरमेट क्लब आॅफ आगरा’ के प्रयासों की सराहना की।