आगरालीक्स…15 जून को खत्म हो रहा अधिकमास. 19 जून से विवाह के शुभ मुहूर्त होंगे शुरू. फिर से गूंजेंगी शहनाइयां…जानिए 2026 में जून-जुलाई के विवाह मुहूर्त
17 मई से शुरू हुआ मलमास (अधिकमास) 15 जून शुक्रवार को समाप्त हो रहा है। इसके खत्म होते ही 19 जून मंगलवार से विवाह के शुभ मुहूर्त फिर शुरू हो जाएंगे। श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा के अनुसार जून और जुलाई 2026 में विवाह के लिए कई उत्तम तिथियां बन रही हैं। इसके बाद 15 जुलाई बुधवार को गुरु अस्त और 25 जुलाई शनिवार को देवशयनी एकादशी से चातुर्मास शुरू होने के कारण करीब 4 महीने तक मांगलिक कार्य रुक जाएंगे।
क्यों रुके थे विवाह ?
ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा बताते हैं कि मलमास में सूर्य गुरु की राशि मीन में गोचर करता है। इस दौरान गुरु और शुक्र जैसे शुभ ग्रहों की स्थिति कमजोर मानी जाती है। सनातन धर्म में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे मांगलिक कार्यों के लिए गुरु-शुक्र का उदित होना जरूरी है। इसलिए 17 मई से 15 जून 2026 तक विवाह पर रोक थी।
जून 2026 : विवाह के शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार जून मे विवाह के लिए 11 शुभ तिथियां हैं। इन दिनों ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति वैवाहिक जीवन में प्रेम और तालमेल बढ़ाने वाली है।
जून 2026 की प्रमुख तिथियां -
19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28, 29 जून
ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा के अनुसार 21 से 27 जून के बीच बन रहे सर्वार्थ सिद्धि, रवि योग और शिव-सिद्ध योग का शुभ संयोग विवाह के लिए अत्यंत फलदायी हैं।
जुलाई 2026 : सिर्फ 11 तारीख तक मौके -
15 जुलाई बुधवार को गुरु अस्त हो जाएंगे। गुरु का संबंध विवाह, संतान और भाग्य से है। अस्त होने पर इसकी शक्ति कम हो जाती है, इसलिए मांगलिक कार्य नहीं होते। इसके बाद 25 जुलाई शनिवार को देवशयनी एकादशी से चातुर्मास शुरू होगा और 20 नवंबर शुक्रवार देवउठनी एकादशी तक विवाह बंद रहेंगे।
जुलाई 2026 के विवाह मुहूर्त -
1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 11, 12 जुलाई
ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी ने बताया की केवल तारीख देखकर विवाह तय न करें। वर-वधु की कुंडली में ग्रह-नक्षत्र, गुण मिलान और मांगलिक दोष जरूर देख लें। विवाह का लग्न और फेरों का समय भी मुहूर्त के अनुसार रखें। इससे दांपत्य जीवन में स्थिरता आती है।