आगरालीक्स…आगरा में दो पुलिसकर्मियों की हत्या और असलाह लूटने वाला भूरा पकड़ा गया. 27 सालों से फरार था. 50 हजार का इनाम था. जमीन बनकर भोपाल में रह रहा था भूरा…इस तरह पकड़ा गया
आगरा में 27 साल पहले पुलिसकर्मियों से असलाह लूटने और गुत्थमगुत्था के दौरान दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी भूरा को पुलिस ने पकड़ लिया है. पुलिस ने भोपाल से उसे अरेस्ट किया है जहां भूरा अपना नाम बदलकर जमील खां बनकर रह रहा था. पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था. दो साल पहले वह अपने जीजा की बकरीद की एक दावत में शामिल हआ था जहां शराब पार्टी के दौरान उसने ये बात बता दी. इसकी जानकारी किसी तरह पुलिस को हो गई और पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी को अरेस्ट कर लिया.असलाह लूटने के लिए दो पुलिसकर्मियों की कर दी थी हत्या
भूरा रमेश कुशवाह गैंग का सदस्य था. 27 साल पहले भूरा, धाधू, रमेश व अन्य दो लोगों के साथ गाड़ी में बैठकर लूट व डकैती करने के लिए घूम रहे थे, वहां से वह लोग घूमते हुए योजना के तहत नगला कमला चौराहा होते हुए उटंगन नदी की तरफ जा रहे थे. तब उन्होनें देखा कि नगला कमाल तिराहे के पास चाय के खोखे के पास तीन पुलिस वाले आग से हाथ ताप रहे थे. उन सभी पुलिसकर्मियों के पास असलहा थे. गैंग को बड़ी वारदात करने के लिए अच्छे असलहा की जरूरत थी, सभी ने योजना बद्ध तरीके से कमाल तिराहे पर आकर पुलिस के सामने जीप को चालू हालत मे खड़ा कर दिया और पुलिस वालों से असलहा छीनकर भागने का प्रयास किया तब उनकी पुलिस वाले से गुथमथा हो लगी. इसी दौरान उन लोगों ने 02 पुलिसकर्मियों को गोली मार दी और वह सभी पुलिस वालों से हथियार लूट कर अपनी जीप से भाग गये.

दो पुलिसकर्मियों की हत्या कर हुए फरार
इस हमले में कांस्टैबल कमल सिंह की मौके पर ही मौत हो गई जबकि कांसटेबल चरन सिंह ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया. तीसरा पुलिसकर्मी घायल हो गया था. घटना के बाद पुलिस ने गैंग के खिलाफ अभियान चलाया और गैंग लीडर रमेश कुशवाह को पुलिस ने भिंड में मूार गिराया जबकि गैंक का सदस्य नरेंद्र जालौन में हुई कार्रवाई में ढेर हुआ था. मामले में पांच अन्य बदमाश गिरफ्तार हुए जिन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई. हालांकि भूरा पुलिस के हाथ नहीं लगा. पुलिस ने पहले उस पर 15 हजार रुपये और फिर बाद में 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया..
पुलिस जांच में सामने आया कि भूरा पुत्र साबू निवासी इस्लाम नगर थाना जगनेर पुलिस से बचने के लिए भोपाल पहुंच गया और यहां उसने अपना नाम जमील खां पुत्र फारुख रख लिया और मध्य प्रदेश में ट्रक चालक के रूप में रहने लगा. पुलिस के अनुसार हाल ही में जेल से रिहा हुअए भूरा के एक पुराने साथी की बकरीद के मौके पर उसके जीजा से मुलाकात हुई थी. शराब पाटी के दौरान उसने बता किदया कि दो वर्ष पहले भूरा से उसकी बात हुई थी. थाना प्रभारी को इसकी जानकारी हो गई. पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी को भोपाल से अरेस्ट करलिया. पुलिस ने उसे कोर्ट भेजा है. उसे रिमांड पर लेकर और पूछताद की जाएगी.