आगरालीक्स…Agra Enfielders ने की ओम पर्वत और आदि कैलाश यात्रा. 24 घंटे भूस्खलन ने रोका, तूफानी रात ने डराया लेकिन अंत में किए भव्य और दिव्य दर्शन…आगरालीक्स से अनुभव किए शेयर..देखें फोटोज और वीडियो
2015 में स्थापित युवाओं की संस्था Agra Enfielders अपनी यात्रा के लिए जानी जाती है. लेह लद्दाख से लेकर देश के निचले दोर धनुषकोडी तक की पूरी यात्रा Agra Enfielders द्वारा की जाती रही है. इस बार Agra Enfielders के 13 सदस्यों ने ओम पर्वत और आदि कैलाश यात्रा की है. अपनी इस यात्रा में इन्होंने भूस्खलन और तूफानी रात का मंजर भी झेला लेकिन अंत में दिव्य और भव्य दर्शन किए. अपनी इस यात्रा को इन्होंने आगरालीक्स के साथ शेयर किया है…चार कार और 13 सदस्य…निकले आदि कैलाश यात्रा पर
18 मई की रात को Agra Enfielders के 13 सदस्य धीरज सोलंकी, सौरभ जैन, अर्जुन पसरीचा, करन जुनेजा, अजय चौहान, मुकेश, हिमांशु भारद्वाज, भूपेंद्र भदौरिया, विनोद चौधरी, अंकुर वर्मा, जीतू चौहान, कुश उपाध्याय, जतिन सहगल…चार कार में सवार होकर यात्रा पर निकले. 19 मई को उत्तराखंड के Askote में स्टे किया जहां रात को ही इन्हें तूफानी बारिश का सामना करना पड़ा. Dharchula से 15 से 20 किमी लैंडस्लाइड भी हुआ. जहां सभी सदसय अगली सुबह 9 बजे तक पहुंच गए. लेकिन भारी भूस्खलन के कारण 20 मई की रात 8 बजे तक वहीं इंतजार करना पड़ा. इसके बाद सभी लोग वापस Dharchula se में आके रुक गए. यहां उनहें एक ठेकेदार मिला जो कि आगरा का ही थी. उसका नंबर लेने के बाद अगले दिन सुबह 7 बजे जब भूस्खलन समाप्त हो गया और रास्ता साफ होने की जानकारी मिली तो अपनी मंजिल की ओर फिर से चल दिए. 21 मई को सभी लोग तिब्बत और नेपाल बॉर्डर के पास स्थित एक छोटे गांव Gunji पहुंचे और यहां रुके. यहां से चेकइन करने के बाद सभी ने ओम पर्वत के दिव्य दर्शन किए और रात को वापस Gunji आकर रुके.
22 मई की सुबह 5 बजे सभी सदस्य आदि कैलाश और पार्वती कुंड के दर्शन के लिए निकल पड़े. कई कठिनाई भरे रास्तों को पार कर अंत में सभी ने आदि कैलाश के भव्य और दिव्य दर्शन किए. पार्वती कुंंड के पास भी पहुंचे और भगवान शिव के स्वरूप को स्मरण कर उन्हें अपनी यात्रा और दिव्य आदि कैलाश के दर्शन के लिए धन्यवाद दिया. भव्य और दिव्य दर्शन के लिए सभी सदस्य 10 बजे वापसी के लिए निकले और रात को पिथौड़ागढ़ स्टे किया और अगले दिन सुबह सात बजे वहां से निकले और रात को 8 बजे आगरा वापस पहुंचे.

