आगरालीक्स…आगरा में जिमीकंद के उपयोग से तैयार किया पौष्टिक पास्ता. बिचपुरी कैंपस के फूड टेक्नोलॉजी विभाग में किया जा रहा शोध कार्य…बताया कितना फायदेमंद है यह पास्ता
राजा बलवंत सिंह इंजीनियरिंग टेक्निकल कैंपस, बिचपुरी आगरा के फूड टेक्नोलॉजी विभाग में एलीफेंट फुट याम (जिमीकंद) के उपयोग द्वारा पास्ता के निर्माण पर आधारित शोध कार्य किया जा रहा है। फूड टेक्नोलॉजी के डीन प्रो० अपूर्व विहारी लाल ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड से प्राप्त आकड़ों के अनुसार 2022-2023 में भारत ने 987,371 टन एलिफेंट फुट याम का उत्पादन किया। जिसमें पश्चिम बंगाल 338,797 टन के साथ शीर्ष उत्पादक रहा, उसके बाद केरल 208,095 टन दूसरे स्थान और तमिलनाडु 135,358 टन के साथ तीसरे स्थान पर रहा। जिसमें से अधिकांश भाग को ताजा ही खाया जाता है किन्तु अपर्याप्त भण्डारण, परिवहन एवं मार्केटिंग के अनुचित प्रबंधन के चलते संभावित रूप से 25-30% भाग बर्बाद हो जाता है। एलीफेंट फुट याम का उपयोग कर मूल्य संवर्धी उत्पाद का निर्माण कर खाद्य पदार्थों को सुरक्षित और पौष्टिक बनाए रखा जा सकता है।प्रो० लाल ने बताया कि साधारण पास्ता में कार्बोहाइड्रेट अधिक और फाइबर तथा अन्य पोषक तत्व कम मात्रा में होते हैं, जिससे वजन बढ़ना, भूख बढ़ना और रक्त शर्करा का स्तर बढ़ना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। उक्त तथ्यों को ध्यान में रखते हुए फूड टेक्नोलॉजी विभाग के छात्र दीपांशु सिंह, ध्रुव जादौन, दीप्तांश राजावत, हर्ष प्रताप सिंह एवं हिमांशु परिहार एलीफेंट फुट याम पास्ता पर शोध कार्य सहायक आचार्य इ० अमित प्रताप सिंह के निर्देशन में कार्य कर रहे हैं।
शोध के निर्देशक इ० अमित प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि अध्ययनों से पता चलता है कि एलीफेंट फुट याम के प्रयोग से खाद्य पदार्थों में फाइबर, कुल फेनोलिक सामग्री और एंटीऑक्सीडेंट एक्टिविटी में वृद्धि हो सकती है, साथ ही संभावित रूप से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और संवेदी स्वीकृति में भी सुधार हो सकता है। इस शोध के अंतर्गत उचित वैज्ञानिक उपचार द्वारा एलीफेंट फुट याम के कसैलेपन को दूर किया गया। इसके पश्चात उचित पद्यतियों का उपयोग कर एलीफेंट फुट याम को उचित तापमान पर निर्जलीकृत कर पाउडर बना लिया गया।
एलीफेंट फुट याम पाउडर को सूजी के साथ भिन्न भिन्न अनुपात में मिश्रित कर पास्ता का निर्माण किया गया। टेक्चरल एनालिसिस (बनावट विश्लेषण) एवं सेंसरी इवैल्यूएशन (संवेदी मूल्यांकन) के आधार पर विभिन्न अनुपात में बनाये गए पास्ता सैंपल में से श्रेष्ठ पास्ता सैंपल को चयनित किया गया। अब तक किये गए परीक्षण के अनुसार साधारण गेंहू आधारित पास्ता की तुलना में एलीफेंट फुट याम पास्ता अधिक पोषक पाया गया हालाँकि बनावट और स्वाद में साधारण गेंहू आधारित पास्ता की तुलना में थोड़ा अलग पाया गया। कुकिंग क़्वालिटी परीक्षण से पता चलता है कि एलीफेंट फुट याम पास्ता स्टार्च नेटवर्क की संशोधित संरचना के कारण साधारण गेहूं आधारित पास्ता की तुलना में तेजी से पक जाता है तथा कुकिंग लॉस भी तुलनात्मक कम पाया जाता है। एलीफेंट फुट याम पास्ता को लगभग 180 दिनों तक उचित गुणवत्ता के साथ सुरक्षित रखा जा सकता है।शोध कर रहे छात्र दीपांशु सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि गुणवत्ता परीक्षण के अनुसार एलीफेंट फुट याम पास्ता में साधारण पास्ता की तुलना में विटामिन, खनिज एवं फाइबर की मात्रा अधिक पायी गई। एलीफेंट फुट याम पास्ता में फेनोलिक यौगिकों और एस्कॉर्बिक एसिड की उपस्थिति के कारण बढ़ी हुई एंटीऑक्सीडेंट एक्टिविटी भी पायी गयी। एलीफेंट फुट याम पास्ता का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होने के कारण यह मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों या अपने रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने के इच्छुक लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
संस्थान के निदेशक (अकादमिक) प्रो० बी० के० सिंह ने फूड टेक्नोलॉजी विभाग को इस शोध कार्य के लिए बधाई देते हुए बताया कि हमारा संस्थान हमेशा इस प्रकार के शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करता है। निदेशक (प्रशासनिक एवं वित्त) प्रो. पंकज गुप्ता ने इस शोध कार्य की सराहना करते हुए शोध टीम का उत्साहवर्धन किया। इस शोध में फूड टेक्नोलॉजी विभाग के डॉ. आशीष खरे, डॉ. सौम्या राठौर, इ. दिव्या चौहान का विशेष सहयोग रहा।