
सुहाग नगरी, फीरोजाबाद निवासी गारमेंट कारोबारी संजीव जैन 1990 में हांगकांग चले गए थे, वहां 1997 में बेटी तारिषी का जन्म हुआ। संजीव का बडा बेटा संक्षिप्त जैन कनाडा से पढाई कर रहा है। जबकि तारिषी कैलीफोर्निया यूनिवर्सिटी से एमबीए कर रही थी और वह तीन महीने की इंटर्नशिप के लिए ढाका आई थी। वहीं, 2006 07 में संजीव जैन ने अपना करोबार ढाका में स्थापित कर दिया था और वे ढाका में अपनी पत्नी तूलिका जैन के साथ रह रहे थे। शुक्रवार रात को तारिषी ढाका के मशहूर होली आर्टिसन बेकरी कैफे में अपने फ्रेंडस के साथ आई थी, इसी बीच छह आॅटोमेटिक हथियार लेकर पहुंचे आइएस के आतंकियों ने लोगों को बंधक बना दिया।
13 घंटे चला आॅपरेशन, सबसे पहले तारिषी के शव की पहचान
आतंकियों के कैफे में लोगों को बंधक बनाए जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कैफे को घेर लिया, इस दौरान कापफी संख्या में बंधक बनाए गए लोगों के परिजन कैपफे के बाहर अपने परिजनों के सुरक्षित बाहर निकलने का इंतजार करते रहे, अंदर से धमाकों की आवाज सुनकर रूह कांपने लगी। 13 घंटे तक चले आॅपरेशन के बाद पांच आतंकवादियों को मार गिराया और एक को जिंदा दबोच लिया। हमले में 20 लोगों की गला रेत कर हत्या की गई, सबसे पहले तारिषी के शव की पहचान उनके परिजनों ने की। मरने वालों में इटली के नौ, जापान के सात, भारत की तारिषी और एक अमेरिका का पर्यटक शामिल है।
गला रेत कर की गई हत्या
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आतंकी बंधक बनाए गए लोगों से कुरान की आयतें सुनाने के लिए कह रहे थे। जिन्होंने आयतें सुनाई उन्हें छोड दिया, जो नहीं सुना सके, उनकी गला रेत कर हत्या कर दी। आतंकियों पर हथियार भी थे, वे उन्हें गोली मार सकते थे। लेकिन आईएस लोगों में दहशत फैलाना चाहता है, इसलिए गला रेत कर हत्या करने की आशंका है।
आने वाले थे फीरोजाबाद, सोमवार को आएगा शव
संजीव जैन अपनी पत्नी तूलिका जैन और बेटी तारिषी जैन के साथ रविवार को फीरोजाबाद आने वाले थे। संजीव का बडा बेटा संक्षिप्त कनाडा से फीरोजाबाद आ रहा था। परिवारीजन चाहते हैं कि तारिषी का अंतिम संस्कार हिंदुस्तान की धरती पर हो। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने तारिषी के चाचा राकेश मोहन जैन से बात की, उन्हें बताया कि वह पूरे मामले पर खुद नजर रखे हुए हैं। ढाका में भारतीय दूतावास के हाई कमिश्नर तारिषी के पिता के साथ हैं। उन्होंने बताया कि यदि तारिषी के परिवारीजन ढाका जाना चाहें तो उनके वीजा भी बनवा दिए जाएंगे। पांच मिनट तक हुई बातचीत में राकेश जैन ने तारिषी का शव हिंदुस्तान लाने की इच्छा व्यक्त की। विदेश मंत्री ने परिवार को आश्वस्त किया है कि वह इस संबंध में ढाका सरकार से बात कर रही हैं।
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