आगरालीक्स …Agra News: आगरालीक्स आगरा में नौवीं के छात्र के खेलते समय टेनिस बॉल लगने से गर्दन के पास की नस फटी (dissection with aneurysm) , सीटीवीएस डॉ. सुशील सिंघल ने जटिल सर्जरी कर बचाई जान।
आगरा के कक्षा नौवीं के छात्र के डेढ़ साल पहले खेलते समय सीने में टेनिस बॉल लग गई थी। पिछले एक साल से दाएं कंधे के नीचे दर्द और सूजन की समस्या होने लगी थी। कई जगह इलाज कराया लेकिन कोई आराम नहीं मिला। इसके बाद एसएन मेडिकल कॉलेज की सीटीवीएस की ओपीडी में कार्डियोथोरेसिक वैस्कुलर सर्जन डॉ. सुशील सिंघल को दिखाया। छात्र की सीटी एंजियोग्राफी में
दाहिनी कॉलर बोन के पास प्रमुख रक्तवाहिनी में ( subclavian & और axillary artery) एक बड़ा और खतरनाक dissection with aneurysm ( नस का फटना और असामान्य फैलाव) मिला। यह स्थिति अत्यंत गंभीर थी, क्योंकि इसके फटने पर जीवन के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता था। मरीज की कम उम्र और रक्तवाहिनियों की जटिल संरचना के कारण यह ऑपरेशन अत्यंत कठिन और उच्च जोखिम वाला था।
सर्जरी कर डाली कृत्रिम नली
08 अगस्त 2026 को डॉ. सुशील सिंघल ने अपनी डॉक्टरों टीम के दौरान जटिल सर्जरी की। क्षतिग्रस्त रक्तवाहिनी के हिस्से को हटाकर उसकी जगह कृत्रिम नली (ग्राफ्ट) लगाई गई, जिसे कॉलर बोन के पास की मुख्य धमनी से लेकर हाथ की धमनी तक जोड़ा गया। ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक सावधानी बरती गई ताकि हाथ की महत्वपूर्ण नसों (ब्रैकियल प्लेक्सस) को कोई नुकसान न पहुंचे और एन्यूरिज्म फटने से बचा रहे। मरीज अब पूरी तरह स्थिर है और शीघ्र ही अस्पताल से छुट्टी के लिए तैयार है।
विश्व भर में बहुत कम केस
यह बीमारी अत्यंत दुर्लभ मानी जाती है। विश्व स्तर पर इसके बहुत कम मामले, विशेषकर बच्चों और किशोरों में, रिपोर्ट किए गए हैं। मामूली चोट के लंबे समय बाद इस प्रकार की गंभीर रक्तवाहिनी समस्या का विकसित होना इस केस को और भी विशेष बनाता है।
जटिल सर्जरी में ये टीम रही शामिल
जटिल सर्जरी में कार्डियोथोरेसिक वैस्कुलर सर्जन डॉ. सुशील सिंघल, डॉ. विमलेश यादव और शशि प्रजापति सहति सीटीवीएस की पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रेडियोलॉजी से डॉ. हरि सिंह और डॉ. निखिल शर्मा ने जांच एवं सर्जरी की योजना बनाने में अहम योगदान दिया।
एनेस्थीसिया टीम से डॉ. योगिता द्विवेदी, डॉ. दीपिका चौबे, डॉ. दीपक दनौरिया, डॉ. प्रभा, डॉ. मनीष, डॉ. वैभव, डॉ. शाहिद, डॉ. रजत और डॉ. सिमरन सहित पूरी टीम ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अब कॉलेज में अत्यंत जटिल और उन्नत सर्जरी भी सफलतापूर्वक की जा रही हैं, जिससे मरीजों को उपचार के लिए बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।