
आगरा का तापमान 46 डिग्री के करीब पहुंचने 12 घंटे बाद मौसम का मिजाज बदल गया है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से मंगलवार सुबह से ही धूल भरी आंधी चलने लगी है, इससे वाहन चालकों को भी समस्या हुई, मौसम विभाग का अनुमान है कि पांच मई तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में बादलों की तडतडहाट के बीच बूंदाबांदी हो सकती है। शाम को बदलों की गडगडाहट के साथ तेज बारिश और धूल भरी आंधी चलती रही। इससे आधे से अधिक शहर की बिजली चली गई।
मई के दूसरे दिन आगरा में रिकॉर्ड 45 8 डिग्री तापमान पहुंच गया, इसके साथ ही लू चलने से लोग बेहाल रहे। सूरज की आग से लोगों को रात में भी राहत नहीं मिली, कूलर और एसी फेल हो गए। शरीर भी तपता रहा, लेकिन सुबह होते होते वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से मौसम का मिजाज बदल गया।
आगरा में मौसम का मिजाज बदलने के साथ गर्मी अपना रंग दिखाने लगी है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस से जहां मौसम बदल रहा है। वहीं, प्रशांत महासागर में पिछले साल उठे अल निनो के प्रभाव से इस बार तापमान एक से दो डिग्री बढ सकता है। इसके लिए मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। प्रत्येक पांच दिन में अगले 15 दिनों के लिए मौसम विभाग द्वारा चेतावनी जारी की जाएगी।
इनवर्टर फेल, जनरेटर भी हांफे
सात बजे से बारिश और आंधी के बाद शहर में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। अधिकांश क्षेत्रों में बिजली नहीं आ रही है, इससे इनवर्टर पफेल हो गए हैं और जनरेटर हांपफने लगे हैं। कई क्षेत्रों में लोग अंधेरे में हैं छतों और घरों के बाहर बैठे हुए हैं।
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