आगरालीक्स…एकादशी पर प्रेमनिधि मंदिर में ठाकुर जी के दिव्य दर्शन कर भक्त हुए कृतार्थ. मंदिर में पवित्रारोपण उत्सव मनाया, फलों के कुंज ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
नाई की मंडी स्थित श्री प्रेमनिधि जी मंदिर में चल रहे श्री पुरुषोत्तम (अधिकमास) मनोरथ महोत्सव के अंतर्गत 26 वें दिवस पवित्रा एकादशी (पुत्रदा एकादशी) का उत्सव श्रद्धा, भक्ति और पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुरूप धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर ठाकुर श्री श्याम बिहारी (श्री बड़े गोविन्द) जी महाराज का विशेष पवित्रारोपण कर दिव्य श्रृंगार किया गया तथा श्रद्धालुओं को अलौकिक दर्शन कराए गए। पुष्टिमार्ग में पवित्रा एकादशी का विशेष महत्व है। इस दिन ठाकुर जी को 360 धागों एवं 24 गांठों से युक्त पवित्रा अर्पित किया जाता है, जो वर्ष के प्रत्येक दिन प्रभु सेवा में समर्पित रहने तथा 24 एकादशियों के स्मरण का प्रतीक माना जाता है। यह उत्सव जीव और परमात्मा के अटूट प्रेम संबंध तथा पूर्ण समर्पण के भाव को अभिव्यक्त करता है। मुख्य सेवाधिकारी हरिमोहन गोस्वामी ने बताया कि पवित्रारोपण का भाव सांसारिक कामनाओं की पूर्ति नहीं, बल्कि प्रभु की प्रेम-लक्षणा भक्ति प्राप्त करना है। इस दिन भक्त अपनी अहंता और ममता को प्रभु के चरणों में समर्पित कर कृपा की याचना करता है। सेवायत सुनीत गोस्वामी ने बताया कि पुष्टिमार्गीय मान्यता के अनुसार इसी एकादशी की मध्यरात्रि में श्रीनाथजी ने श्री वल्लभाचार्य महाप्रभुजी को दिव्य दर्शन दिए थे, इसलिए यह दिन गुरु-शिष्य संबंध और ब्रह्मसंबंध के उत्सव के रूप में भी विशेष महत्व रखता है। उत्सव के अवसर पर ठाकुर जी को सूखे मेवों से निर्मित आकर्षक पोशाक धारण कराई गई तथा मंदिर में फलों के कुंज की मनोहारी सजावट की गई। विविध फलों और प्राकृतिक सज्जा से सुसज्जित कुंज के मध्य विराजमान ठाकुर जी के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। मंदिर में विशेष कीर्तन, आरती एवं भोग सेवा का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने प्रभु के दर्शन कर धर्मलाभ प्राप्त किया तथा महाआरती के उपरांत प्रसादी ग्रहण की। पवित्रारोपण उत्सव की मनोरथ सेवा राजेश गोयल द्वारा संपन्न कराई गई। उत्सव की व्यवस्थाओं में संजीव चौबे, अमित शर्मा, वेद भारद्वाज, सरदार सिंह धाकड़, रानू पचौरी, राजेश धाकड़ आदि ने सहयोग प्रदान किया।