आगरालीक्स…आगरा में 20 माह के बच्चे की मौत पर डॉक्टर पति—पत्नी, बेटे और कंपाउंडर पर मुकदमा दर्ज. जानें क्या है पूरा मामला
आगरा में 20 माह के बच्चे की मौत के मामले में कोर्ट के आदेश पर लोहामंडी स्थित सूरी मेटेरनिटी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. एसएस सूरी, उनकी पत्नी डॉ. नीलम सूरी, बेटे अंकित सूरी और कंपाउंडर के खिलाफ थाना लोहामंडी में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.लोहामंडी—बोदला रोड के खतैना बुद्ध विहार वाली गली में योगेश कुमार रहते हैं. योगेश कुमार द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार 27 सितंबर 2025 को उनके 20 माह के बेटे योगेंद्र नाथ उर्फ यश की तबीयत खराब हो गई थी. इस पर योगेश अपनी पत्नी सुमन के साथ सूरी मेटेरनिटी सेंटर जयपुर हाउस पर लेकर पहुंचे. यहां डॉ. नीलम सूरी और डॉ. एसएस सूरी ने उनके बेटे को हॉस्पिटल में भर्ती कर लिया. अगले दिन छुट्टी दे दी गई. योगेश के अनुसार डॉ. नीलम सूरी और डॉ. एसएस सूरी ने लगभग तीन दिन लगातार बच्चे को इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी.
इंजेक्शन लगाने के बाद हुई मौत, विरोध पर धमकीयोगेश के अनुसार 30 सितंबर को रात करीब 8 बजे रात को वह अपनी पत्नी के साथ बच्चे को इंजेक्शन लगवाने के लिए सूरी मेटेरनिटी सेंटर गया. यहां डॉ. नीलम सूरी व एसएस सूरी के कंपाउंडर ने बच्चे को इंजेक्शन लगाया. इजेक्शन लगाते ही बच्चे की तबीयत खराब हो गई. डॉक्टर उनके बेटे को तुरंत आपरेशन थियेटर ले गए. बाद में कहा कि बच्चे का हार्ट काम नहीं कर रहा है. आरोप है कि डॉक्टर उनके बच्चे को बाहर लेकर आए तो उसकी मृत्यु हो चुकी थी. लेकिन वह तसल्ली के लिए बच्चे को बाइक से पुष्पांजलि हॉस्प्टिल ले गया जहां बच्चे की मृत बताया गया. इस पर योगेश और उनकी पत्नी वापस सूरी मेटेरनिटी सेंटर जयपुर हाउस पहुंचे. उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल की लापरवाही से बच्चे की मौत की बात कही तो आरोप है कि उन्हें धमकी दी गई. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले गए. लेकिन सूरी मैटेरनिटी सेंटर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. कोर्ट के आदेश पर अब थाना लोहामंडी पुलिस ने डॉ. एसएस सूरी, उनकी पत्नी नीलम सूरी, बेटे व कंपाउंडर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. डॉ. एसएस सूरी का मीडिया से कहना है कि आरोप निराधार हैं, बच्चे को परिजन लेकर आए उसे इंजेक्शन लगाया। तबीयत बिगड़ने पर बच्चे को परिजन ले गए और पांच घंटे बाद बच्चे को म्रत अवस्था में लेकर आए।