आगरालीक्स…आगरा में टीटीजेड के कारण नहीं पनप पा रहे उद्योग. केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतनराम मांझी से लघु उद्योग भारती ने साझा की समस्याएं…टीटीजेड को EESZ घोषित करने के साथ तीन बड़े प्रस्ताव रखे सामने
आगरा के सर्किट हाउस में केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से लघु उद्योग भारती आगरा के प्रतिनिधि मंडल की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में आगरा के औद्योगिक भविष्य और TTZ की समस्या पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व प्रदेश सचिव शमनीष अग्रवाल ने किया। जिला अध्यक्ष विजय गुप्ता, जिला महासचिव राजीव बंसल, जिला उपाध्यक्ष दिनेश गुप्ता उपस्थित रहे। संयुक्त आयुक्त उद्योग उत्तर प्रदेश अनुज कुमार भी मौजूद थे। प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल एवं जिला अध्यक्ष विजय गुप्ता ने मंत्री जी का अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत किया और आगरा के ODOP मार्बल पच्चीकारी प्लेट भेंट की। इस अवसर पर मंत्री जी को "ताज ट्रेपेजियम जोन TTZ को पर्यावरण-आर्थिक संवेदनशील क्षेत्र EESZ घोषित करने" संबंधी विस्तृत प्रत्यावेदन भी सौंपा गया।मंत्री से की गई ये मांगे
लघु उद्योग भारती ने पत्र में कहा कि TTZ क्षेत्र ने दशकों से पर्यावरण संरक्षण की राष्ट्रीय जिम्मेदारी निभाई है। अब "पारिस्थितिकी" और "अर्थव्यवस्था" के बीच संतुलन बनाकर आगरा को 'विरासत-उद्योग-शिक्षा-पारिस्थितिकी संतुलित हब' के रूप में विकसित करना आवश्यक है।
EESZ घोषणा + ग्रीन इंडस्ट्री नीति: आगरा-TTZ को EESZ घोषित किया जाए। MSME को ZLD, स्क्रबर, ESP जैसी ग्रीन टेक्नोलॉजी अपनाने पर कैपिटल सब्सिडी मिले। प्रदूषण मानदंड "जीरो डिस्चार्ज" की जगह "नेट/वास्तविक डिस्चार्ज-आधारित मानकों" पर तर्कसंगत हों। इससे औद्योगिक पुनरुद्धार होगा, निवेश बढ़ेगा और युवाओं का पलायन रुकेगा।
औद्योगिक कनेक्टिविटी व एग्रो हब: सॉफ्टवेयर पार्क, ऑटो, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस सप्लाई, फूड प्रोसेसिंग जैसे गैर-प्रदूषणकारी एंकर उद्योग स्थापित हों। CETP, टेस्टिंग लैब के साथ ग्रीन MSME क्लस्टर बनें। आगरा को एग्रो-फूड प्रोसेसिंग हब बनाकर कोल्ड चेन, फूड पार्क और ड्राई पोर्ट/लॉजिस्टिक्स हब की स्थापना हो।
विरासत-पर्यटन व ज्ञान अर्थव्यवस्था: प्रमुख स्मारकों को जोड़ने वाला एकीकृत हेरिटेज सर्किट*, 24x7 नाइट टूरिज्म, आगरा शिव हेरिटेज सर्किट, यमुना रिवरफ्रंट-बैराज परियोजना से वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा मिले। साथ में IIT, IIM, NIFT जैसे राष्ट्रीय संस्थान आगरा में स्थापित हों।
प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल ने बताया कि UP में लगभग 1 करोड़ MSME इकाइयां रजिस्टर्ड हैं और 4.50 करोड़ लोग रोजगाररत हैं। जिला अध्यक्ष विजय गुप्ता ने TTZ पाबंदियों से इकाइयों के बर्बाद होने पर टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन हेतु विशेष अनुदान और सुप्रीम कोर्ट में उद्योगों का पक्ष रखने की मांग की। उपाध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने PM विश्वकर्मा योजना में सप्लाई के लिए का ₹240 करोड़ टर्नओवर स्लैब कम करने का सुझाव दिया। मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि "BRICS मीटिंग का आगरा में होना शुभ संकेत है। TTZ गंभीर मामला है, हम केंद्र का पक्ष सुप्रीम कोर्ट में रखेंगे।" उन्होंने दिल्ली में शीघ्र उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर उद्यमियों की चुनौतियां समझने और विश्वकर्मा योजना का टर्नओवर टारगेट कम करके सूक्ष्म-लघु उद्योगों को प्रोत्साहित करने का आश्वासन दिया।