आगरालीक्स…आगरा के एसएन में 35 दिन से वेंटिलेटर पर रहे मरीज को मिला नया जीवन. एक्सीडेंट से सिर में लगी थी गंभीर चोट. 25 दिन कोमा में रहे. न्यूरोसर्जरी और आईसीयू की टीम ने किया कमाल
आगरा के एस.एन. मेडिकल कॉलेज ने एक बार फिर चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता को साबित किया है। नगला पदी, दयालबाग के निवासी चंद्रप्रकाश राठौर (23 वर्ष), जो एक भीषण सड़क दुर्घटना (RTA) में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, को पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।एक्सीडेंट से सिर में लगी थी चोट
चंद्रप्रकाश को 4 अप्रैल 2026 को सिर में गंभीर चोट लगने के बाद आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया था। जांच (NCCT Head) में पाया गया कि मरीज डिफ्यूज एक्सोनल इंजरी (DAI) जैसी घातक स्थिति से जूझ रहा था, जिसके कारण उसे लगातार मिर्गी के दौरे (Intractable Seizures) पड़ रहे थे। मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए उसे तुरंत सुपर स्पेशलिटी आईसीयू (SS-ICU) में शिफ्ट किया गया। सिर की गंभीर चोट के कारण मरीज लगातार 25 दिनों तक कोमा में रहा और कुल 30 दिनों तक वेंटिलेटर पर रहा।
न्यूरोसर्जरी विभाग और आईसीयू की टीम के अथक प्रयासों, निरंतर निगरानी और सही उपचार के चलते मरीज की स्थिति में चमत्कारी सुधार हुआ। 35 दिनों के बाद उसे आईसीयू से सामान्य वार्ड में स्थानांतरित किया गया।
इस जटिल केस का सफल उपचार न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉ. गौरव धाकरे, डॉ. मयंक अग्रवाल, एवं डॉ. तरुणेश शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। आईसीयू प्रबंधन की कमान आईसीयू हेड डॉ. अतिहर्ष मोहन ने संभाली, जिनके नेतृत्व में मरीज की चौबीसों घंटे निगरानी की गई।
प्रिंसिपल डॉ. प्रशांत गुप्ता जी का वक्तव्य: "चंद्रप्रकाश का मामला बेहद चुनौतीपूर्ण था। डिफ्यूज एक्सोनल इंजरी और इतने लंबे समय तक कोमा में रहने के मामलों में रिकवरी की संभावना बहुत कम होती है, लेकिन हमारे डॉक्टर्स की विशेषज्ञता और आधुनिक आईसीयू सुविधाओं के कारण हम एक युवा जीवन को बचाने में सफल रहे। यह एस.एन. मेडिकल कॉलेज की टीम वर्क और समर्पण का परिणाम है। मैं पूरी टीम को इस सफलता के लिए बधाई देता हूँ और मरीज के उज्जवल भविष्य की कामना करता हूँ।"