आगरालीक्स…आगरा में इन 4E फार्मूले को अपनाते हैं तो एक्सीडेंट से बच सकते हैं. एडीसीपी ट्रैफिक ने 4 ऐसे फार्मूले बताए जिससे सड़कों पर एक्सीडेंट कम हो सकते हैं. जानिए क्या दी जानकारी
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग द्वारा गुरुवार को 'भारतीय सड़कों पर मृत्यु दर का खतरनाक रुझान' पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला एवं प्रस्तुतिकरण का आयोजन किया गया. यह विशेष कार्यक्रम चिकित्सा पेशेवरों और आम नागरिकों के लिए ट्रैफिक इंजीनियरिंग और ट्रॉमा केयर के व्यावहारिक समन्वय को समझाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. प्रशांत गुप्ता, विशिष्ट अतिथि के रूप में एडीसीपी ट्रैफिक (आगरा) अलका तथा मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ बाल रोग सर्जन और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ उपस्थित रहे.एडीसीपी ट्रैफिक अलका ने दिया सड़क सुरक्षा का 4E फार्मूला
विशिष्ट अतिथि एडीसीपी अलका ने एक चिंताजनक आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि दुनिया भर में सड़क हादसों में होने वाली हर 7 मौतों में से 1 मौत भारत में होती है. दुर्घटनाओं की वजहों जैसे अचानक यू-टर्न और सड़क की गलतियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने इससे निपटने के लिए 4E फार्मूले पर विशेष बल दिया:
इंजीनियरिंग (Engineering): सड़कों की बनावट में सुधार और साइनेज (यातायात चिह्नों) को सही तरीके से जानना.
एजुकेशन (Education): स्कूलों, कॉलेजों और कार्यशालाओं (वर्कशॉप्स) के माध्यम से लोगों को जागरूक करना.
एन्फोर्समेंट (Enforcement): यातायात नियमों का कड़ाई से पालन.
इमरजेंसी केयर Emergency Care : दुर्घटना के बाद त्वरित चिकित्सा सहायता। इसके साथ ही उन्होंने सरकार की पीएम राहत योजना के तहत मिलने वाले 2.5 लाख रुपये के मुफ्त इलाज की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी.
मुख्य वक्ता डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ ने ने सड़क दुर्घटनाओं के वैज्ञानिक विश्लेषण और व्यावहारिक दृष्टिकोण पर विस्तार से एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया. उन्होंने इस विषय पर आधारित अपनी पुस्तक “सूनामी ऑन रोड्स “ के बारे में भी उपस्थित चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को बताया कि कैसे ट्रैफिक इंजीनियरिंग और ट्रॉमा केयर मिलकर अमूल्य जानें बचा सकते हैं. मुख्य अतिथि एवं प्रधानाचार्य प्रो. प्रशांत गुप्ता ने सभी से अनिवार्य रूप से यातायात नियमों (Traffic Rules) का पूरी निष्ठा से पालन करने की अपील की. इसके साथ ही उन्होंने सही पार्किंग व्यवस्था के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सड़कों और अस्पताल परिसर में व्यवस्थित पार्किंग बेहद ज़रूरी है, ताकि आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस बिना किसी बाधा के मरीज़ों को लेकर आसानी से पहुंच सके.
सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष (HOD) डॉ. राजेश गुप्ता ने वाहन चालकों को गाड़ी चलाते समय धैर्य रखने और रोड रेज (सड़क पर होने वाले विवाद व गुस्से) से बचने की सलाह दी. एसएन मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का सफल संचालन (एंकरिंग) डॉ. करन रावत द्वारा किया गया. इस अवसर पर उपप्रधानाचार्य डॉ. टीपी सिंह, डॉ. अरुण राठौर, डॉ. जेपीएस शाक्य, डॉ अनुभव गोयल, डॉ. मयंक अग्रवाल, डॉ. गौरव धाकरे, डॉ. तरुणेश शर्मा, डॉ अतिहर्ष मोहन,डॉ. योगिता, डॉ. अलका यादव, डॉ. सीपी गौतम, डॉ. गीतू सिंह, डॉ. प्रीति भारद्वाज आदि संकाय सदस्य, जूनियर रेजिडेंट्स व एमबीबीएस छात्र छात्रायें उपस्थित रहे.