आगरालीक्स…आगरा के श्री प्रेमनिधि मंदिर में अधिकमास के 11वें दिन धूमधाम से संपन्न हुआ तुलसी विवाह. बैंड-बाजों के साथ निकली ठाकुर जी की बारात, रमन रेती के पूज्य कार्ष्णि स्वामी रामकृष्णानंद जी महाराज का मिला आशीर्वाद
नाई की मंडी, कटरा हाथी शाह स्थित श्री प्रेमनिधि मंदिर में चल रहे श्री पुरुषोत्तम (अधिक मास) मनोरथ महोत्सव के अंतर्गत बुधवार को ठाकुर श्री श्याम बिहारी (श्री बड़े गोविन्द) जी महाराज के समक्ष ‘तुलसी विवाह’ का भव्य मनोरथ अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और वैवाहिक धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। मंदिर परिसर में बैंड-बाजों, मंगल गीतों और वैष्णव जयघोषों के मध्य ठाकुर जी की बारात निकाली गई, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।इस पावन अवसर पर रमन रेती, गोकुल के सेवायत पूज्य कार्ष्णि स्वामी रामकृष्णानंद जी महाराज मुख्य रूप से उपस्थित रहे। मंदिर आगमन पर श्रद्धालुओं एवं मंदिर प्रबंधन द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। महाराज श्री ने भगवान शालिग्राम एवं माता तुलसी के मंगल परिणय के दर्शन कर समस्त वैष्णव समाज को अपना आशीर्वाद प्रदान किया।
पुष्टिमार्गीय परंपरा में तुलसी जी को भगवत्प्रिया माना गया है। मान्यता है कि तुलसी दल के बिना ठाकुर जी कोई भी भोग स्वीकार नहीं करते। तुलसी विवाह भगवान और भक्त के दिव्य प्रेम, समर्पण और आध्यात्मिक मिलन का प्रतीक माना जाता है। अधिकमास के 11वें दिन आयोजित इस मनोरथ को पूर्ण वैवाहिक परंपराओं के साथ संपन्न किया गया। महिलाओं ने मंगल गीत गाते हुए हाथों में ठाकुर जी के नाम की मेहंदी रचाई तथा बैंड-बाजों के साथ प्रभु की बारात में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
मुख्य सेवाधारी हरिमोहन गोस्वामी ने बताया कि पुष्टिमार्ग में तुलसी विवाह अत्यंत भावपूर्ण और मंगलकारी उत्सव है। इस अवसर पर ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी को विशेष श्रृंगार धारण कराया गया तथा राजभोग अर्पित किया गया। सेवा अधिकारी सुनीत गोस्वामी ने जानकारी देते हुए बताया that विवाह समारोह में सभी पारंपरिक वैवाहिक रस्में संपन्न कराई गईं। मेहंदी रस्म के पश्चात ठाकुर जी की भव्य बारात निकाली गई और विवाह मंडप में भगवान शालिग्राम एवं स्वरूपा तुलसी जी का मंगल पाणिग्रहण संस्कार विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया।
मंदिर प्रशासक दिनेश पचौरी ने बताया कि रमन रेती, गोकुल से पधारे पूज्य कार्ष्णि स्वामी रामकृष्णानंद जी महाराज का मंदिर प्रबंधन द्वारा अभिनंदन किया गया। महाराज श्री की गरिमामयी उपस्थिति और तुलसी विवाह के अलौकिक दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। दर्शनार्थियों के लिए सुगम दर्शन एवं महाप्रसादी की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई थी।बुधवार को आयोजित इस अलौकिक तुलसी विवाह मनोरथ के चरण सेवक महेश चन्द्र अग्रवाल रहे। उन्होंने सपरिवार उपस्थित होकर विवाह की मुख्य रस्मों में सहभागिता की, भगवान शालिग्राम एवं माता तुलसी की महाआरती उतारी तथा संत-वैष्णवों का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर विवाह समारोह की व्यवस्थाओं एवं प्रभु सेवा में मुख्य रूप से गोरी शंकर अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, मुकुंद सिंघल, मुकेश सिंघल, मनीष जैन, आलोक, प्रियांशु, अनन्य एवं हर्ष उपस्थित रहे। इसके साथ ही बसंत विहार कार्य समिति के सभी सदस्य विशेष रूप से मौजूद रहे।