आगरालीक्स…आगरा के शांतिवेद इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस में स्वर्गीय डॉ. अजय प्रकाश और स्वर्गीय डॉ. दिव्या प्रकाश की स्मृति में एक वर्ष में 100 निशुल्क सर्जरी की गईं….

आगरा के शांतिवेद इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस में स्वर्गीय डॉ. अजय प्रकाश जी एवं स्वर्गीय डॉ. दिव्या प्रकाश की स्मृति में 30वां निशुल्क शल्य चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया. इस शिविर में पहली बार एक ही वर्ष में 100 निःशुल्क शल्य क्रियाएँ पूर्ण की गईं—जो पिछले तीन दशकों से चला आ रहा एक स्वप्न था. स्वर्गीय डॉ. अजय प्रकाश एवं स्वर्गीय डॉ. दिव्या प्रकाश की दोनों ही चिकित्सा जगत में निस्वार्थ सेवा और मानवीय मूल्यों के प्रतीक रहे हैं.
राष्ट्रपति से सम्मानित थे डॉ. अजय प्रकाश
स्व. डॉ. अजय प्रकाश ने अपने जीवनकाल में 2,500 से अधिक निःशुल्क ऑपरेशन कर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हजारों परिवारों को नया जीवन दिया. उनकी इस सेवा भावना को राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान प्राप्त हुआ, जब उन्हें भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा सम्मानित किया गया. पिछले 29 वर्षों में यह शिविर हर बार 100 के आंकड़े के बहुत निकट पहुंचा, पर कुछ ही मामलों से लक्ष्य अधूरा रह जाता था. यह अधूरा सपना डॉ. अजय प्रकाश के मन में सदैव जीवित रहा. वर्ष 2026—जो उनकी प्रथम पुण्यतिथि का वर्ष भी है, में उनके पुत्र डॉ. श्वेतांक प्रकाश ने इस सपने को पूर्ण करने का संकल्प लिया.
डॉ. श्वेतांक प्रकाश के नेतृत्व में, चिकित्सकों की समर्पित टीम, नर्सिंग स्टाफ और सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से यह लक्ष्य साकार हुआ. पित्ताशय की पथरी एवं अपेंडिक्स से संबंधित 100 से अधिक रोगियों की निःशुल्क शल्य क्रियाएँ सफलतापूर्वक की गईं. इस अवसर पर आयोजित समापन समारोह केवल एक शिविर का समापन नहीं, बल्कि एक विचार, एक परंपरा और एक जीवन-दर्शन की पूर्णता का प्रतीक रहा। यह सिद्ध करता है कि सच्ची सेवा केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि पीढ़ियों के माध्यम से आगे बढ़ती है. शांतिवेद परिवार ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि चिकित्सा का सर्वोच्च उद्देश्य आज भी मानवता की सेवा है और यही इस शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि है.