आगरालीक्स …आगरा में लॉक डाउन में अनचाही प्रिग्नेंसी के केस बढ गए हैं, इमरजेंसी पिल्स सहित अनचाही प्रिग्नेंसी को टालने के लिए डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं, गर्भनिरोधक की होम डिलीवरी भी सरकार द्वारा शुरू की गई है।
आगरा में 22 मार्च से 31 मई तक लॉक डाउन रहा, अभी भी लोग घर से ज्यादा बाहर नहीं निकल रहे हैं, ऐसे में अधिकांश समय घर पर रहना पडा। अनचाही प्रिग्नेंसी के केस मई के बाद जून में तेजी से बढे हैं। पीरियड ना होने पर प्रिग्नेंसी टेस्ट की जा रही है, इसमें गर्भ ठहरने की रिपोर्ट आने पर दंपति डॉक्टरों से सलाह ले रहे हैं, किस तरह से प्रिग्नेंसी को टाला जा सके।
मेडिकल स्टोर से दवा लेना है घातक
विशेषज्ञों के अनुसार तमाम लोग बाजार में बिक रही दवाओं को लेकर प्रिग्नेंसी टालना चाहते हैं, मेडिकल स्टोर से दवा ले लेते हैं, यह घातक होता है। ऐसे केस में स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा अल्ट्रासाउंड कराया जाता है, इसके बाद गर्भ को हटाने की प्रक्रिया, गर्भधारण कितने महीने का है, इसके आधार पर की जाती है। गर्भ हटाने के बाद दोबारा अल्ट्रासाउंड कराकर देखा जाता है कि कुछ हिस्सा रह तो नहीं गया है जिससे बाद में समस्या ना आए।
गर्भनिरोधक की होम डिलीवरी
आशा कार्यकर्ताओं द्वारा अब ‘‘होम डिलीवरी ऑफ कंट्रासेप्टिव थ्रू आशा’’ योजना के तहत गर्भनिरोधक साधनों का मुफ्त में वितरण किया जाएगा। अभी तक निःशुल्क सुविधा सिर्फ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और एएनएम सब सेंटर स्तर पर ही उपलब्ध थी। कार्यकर्ताओं से कंडोम और गर्भनिरोधक गोली घर मंगाने पर न्यूनतम भुगतान करना पड़ता था। कंडोम व माला एन के लिये 1 रुपये जबकि ईसीपी के लिये 2 रुपये देने पड़ते थे। शासन स्तर पर इस सुविधा के निःशुल्क किये जाने का निर्णय होने के बाद मिशन निदेशक के 13 मई के पत्र में प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी किया है । पत्र में इस कार्य को प्राथमिकता में शामिल करने को कहा गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी आगरा डॉ. आर.सी पांडे ने बताया कि शासन में हुए निर्णय के अनुसार योजना के तहत अलग से दी जाने वाली गर्भनिरोधक सामग्रियों की योजना समाप्त की जा चुकी है। अब चिकित्सा इकाईयों के अलावा आशा कार्यकर्ताओं द्वारा भी मुफ्त आपूर्ति के गर्भ निरोधक साधन कंडोम, ओरल पिल्स और ई-पिल्स का वितरण किया जाएगा।

परिवार नियोजन की नोडल अधिकारी आगरा डॉ. रचना गुप्ता ने बताया इस संबंध में चिकित्सा इकाईयों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये गये हैं कि पुराने स्टॉक को प्राथमिकता के आधार पर वितरित करवाया जाए। इसके अलावा भविष्य में राज्य स्तर से प्राप्त एक ही प्रकार के निःशुल्क गर्भनिरोधक साधन को उपकेंद्र स्तर की चिकित्सा इकाईयों के साथ सभी शहरी और ग्रामीण आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से लाभार्थियों तक पहुंचाया जाए।
उन्होने ने बताया कि परिवार नियोजन कार्यक्रमों में शहरी क्षेत्र में पापुलेशन इंटरनेशनल सर्विसेज (पीएसआई) और जिला स्तर पर उत्तर प्रदेश तकनीकी सहयोग इकाई (यूपीटीएसयू) द्वारा स्वास्थ्य विभाग को सहयोग प्रदान किया जाता है। इनके माध्यम से भी फीडबैक मिलता है।
डिस्ट्रिक्ट फ़ैमिली प्लानिंग एंड लॉजिस्टिक मैनेजर आगरा, डॉ. बालेन शर्मा ने बताया कि परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री की इंडेंटिंग भी अब मैनुअल नहीं होगी। फैमिली प्लानिंग लॉजिस्टिक मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (एफपी-एलएमआईएस) पोर्टल के जरिये ही ऑनलाइन इंडेंट के माध्यम से चिकित्सा इकाईयों और आशा को सामग्री मिल सकेगी। ऐसा हो जाने से इन सामग्रियों की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित कराने में और भी आसानी होगी।