आगरालीक्स..( ग्राउंड रिपोर्ट)… आगरा लोकसभा सीट पर अब त्रिकोणीय मुकाबला हो गया है, दूसरे चरण के मतदान के बाद से हवा का रुख बदलने लगा है। एंटी इनकंबेंसी के साथ ही विकास के मुददे हवा में उछल रहे हैं, मुकाबला रोचक होता जा रहा है। ( Agra Loksabha Election 2024)
आगरा सुरक्षित सीट पर दूसरे चरण में मथुरा और अलीगढ़ में हुए मतदान के बाद समीकरण बदलने लगे हैं। कभी एकतरफा जीत की बातें करने वालों के लिए चुनौती बढ़ने लगी हैं। आगरा सुरक्षित सीट में पांच विधानसभा हैं, इसमें से चार विधानसभा आगरा की और एक विधानसभा जलेसर की है।
एत्मादपुर विधानसभा में एंटी इनकंबेंसी फैक्टर
आगरा सुरक्षित सीट का चुनाव एत्मादपुर विधानसभा ने रोचक बना दिया है। इस सीट पर एंटी इनकंबेंसी फैक्टर के साथ ही प्रत्याशी से जुड़े स्थानीय मुददे गर्माने लगे हैं, क्षेत्र में चुनावी चर्चाएं तेज होने के साथ ही प्रत्याशियों का समर्थन और विरोध भी देखने को मिला है। इस क्षेत्र में ठाकुरों की बाईसी है, साथ ही एससी और मुस्लिम वोट भी अच्छा है। इस विधानसभा पर तीनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों की नजरें टिकी हुई हैं और तेजी से समीकरण बदलने लगे हैं।
आगरा उत्तर विधानसभा
वैश्य बाहुल्स सीट पर एससी और मुस्लिम मतदाता भी हैं, इस सीट को लेकर सबसे बड़ी चुनौती मतदाताओं की बेरुखी है, पहले और दूसरे चरण की तरह इस विधानसभा क्षेत्र में मतदान प्रतिशत कम होता है तो उसका असर जीत हार के समीकरणों पर पड़ेगा, इसे लेकर प्रत्याशियों ने रणनीति बदलना शुरू कर दिया है।
आगरा दक्षिण सीट
यह सीट मुस्लिम बाहुल्य है, यहां ओबीसी के साथ ही एससी भी हैं। यहां भी कई फैक्टर काम करेंगे, इस सीट पर भी प्रत्याशियों की नजरें टिकी हुई हैं। इस सीट पर भी मुकाबला रोचक है और अंडर करेंट तेजी से चल रहा है।
आगरा छावनी विधानसभा
इस सीट पर एससी, मुस्लिम और ओबीसी मतदाता के साथ ही कई पर्यटन से जुड़े लोग हैं, यहां भी कई तरह के फैक्टर चल रहे हैं, इसका असर भी मतदान पर दिखाई देगा।
जलेसर विधानसभा सीट
जलेसर विधानसभा सीट पर भी रोचक मुकाबला है, यहां एससी के साथ ओबीसी के वोट बैंक पर तीनों प्रत्याशियों की नजर है। जलेसर क्षेत्र में प्रचार के लिए सबसे ज्यादा प्रत्याशी दौड़ लगा रहे हैं।