आगरालीक्स…ताजमहल के मुख्य मकबरे को नहीं देख रहे पर्यटक. 1000 में से सिर्फ 15 पर्यटक ही देख रहे संगमरमरी मकबरा. कारण 200 रुपये का टिकट या कुछ और???
जब से ताजमहल के मुख्य मकबरे का टिकट अलग से 200 रुपये किया गया है तब से मुख्य मकबरे को देखने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी कमी देखने को मिली है. हाल ये है कि आनलाइन टिकट लेकर ताजमहल देखने पहुंचने वाले पर्यटक तो बहुत ही कम संख्या में मुख्य मकबरा को देखने जाते हैं. एक आंकड़ों के अनुसार आनलाइन टिकट लेकर 1000 पर्यटकों में से सिर्फ 15 पर्यटक ही ताजमहल की संगमरमरी इमारत को देखने ऊपर जाते हैं. यह जानकारी हाल ही में एएसआई से मिली है.
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से मिली अभी हाल की सूचना के अनुसार आनलाइन टिकट लेकर ताजमहल देखने वाले पर्यटकों में मुख्य मकबरा देखने वाले पर्यटकों की संख्या लगभग न के बराबर है. जहां वित्तीय वर्ष 2021-22 में आनलाइन टिकट 30,24,648 बिके थे वहीं आनलाइन टिकट लेकर मुख्य मकबरा देखने वालों की संख्या केवल 45,668 ही थी जो औसत रूप से 1000 आनलाइन टिकट लेकर ताजमहल देखने वालों की तुलना में केवल 15 व्यक्ति ही थी. यही स्थिति वित्तीय वर्ष 2020-21 में थी, जब आनलाइन टिकट लेकर ताजमहल देखने वालों की संख्या 9,06,275 थी और आनलाइन टिकट से मुख्य मकबरा देखने वालों की संख्या 22,013 थी जो कि औसतन प्रत्येक 1000 आनलाइन टिकट के विरूद्ध केवल 25 ही थी. वित्तीय वर्ष 2019-20 में भी जहां आनलाइन टिकट लेकर ताजमहल देखने वालों की संख्या 2,81,858 थी वहीं आनलाइन टिकट लेकर मुख्य मकबरा देखने वालों की संख्या मात्र 2695 थी जो कि 1000 व्यक्तियों में 10 का औसत आता है. सूचना अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत यह खुलासा सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता केसी जैन को एएसआई ने उपलब्ध करायी है.

एक रोचक बात यह भी निकलकर आयी है कि जहां आफलाइन टिकट लेकर 4 ताजमहल देखने वालों में से 1 व्यक्ति द्वारा मुख्य मकबरा देखा गया, वहीं आनलाइन टिकट लेकर 1000 व्यक्तियों में 15 से 20 व्यक्तियों ने ही मुख्य मकबरा देखा. इस प्रकार आफलाइन टिकट लेकर मुख्य मकबरा देखने वालों की संख्या 15 गुनी से भी अधिक थी. कदाचित आनलाइन टिकट लेकर ताजमहल देखने वाले पर्यटकों के मध्य मुख्य मकबरे के विषय में जानकारी का अभाव था जिसके कारण वे आनलाइन टिकट खरीदते समय मुख्य मकबरे को देखने के लिए आनलाइन टिकट नहीं खरीद पाये.
मुख्य मकबरे में मुमताज महल और शहंशाह की कब्रों की प्रतिकृतियां हैं लेकिन उनको देखने का जो अपना एक आकर्षण है, उससे सभी पर्यटक रूबरू नहीं हो पा रहे हैं. एडीएफ के सचिव व अधिवक्ता जैन ने कहा कि ताजमहल के मुख्य मकबरे के विषय में जानकारी आॅनलाइन उपलब्ध रहनी चाहिए ताकि यदि ताज देखने वाले पर्यटक मुख्य मकबरा भी देखना पसन्द करें तो उसका टिकट ताज देखने की टिकट के साथ ही खरीद लें ताकि ताजमहल के अन्दर जाने के बाद उन्हें कोई अफसोस न हो कि वे मुख्य मकबरा देखने से वंचित रह गये. ऐसा टिकट कम्पोजिट टिकट भी हो सकता है जिससे ताजमहल व मुख्य मकबरे में प्रवेश किया जा सके.
जैन द्वारा यह भी मांग की गयी कि ताजमहल तथा अन्य प्रमुख स्मारकों में आडियो गाईड की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि विभिन्न स्थानीय व विदेशी भाषाओं में स्मारक के इतिहास और उससे जुड़ी घटनाओं का अधिकारिक ब्यौरा रोचक रूप से पर्यटक सुन सकें. यह आडियो गाईड मोबाईल एप के रूप में भी उपलब्ध होनी चाहिए ताकि उस एप को डाउनलोड करके इयरफोन लगाकर तकनीकी के उपयोग से हम पर्यटकों को ताजमहल सहित सभी स्मारकों के इतिहास का साक्षी बना सकें. ऐसे आडियो गाईड लोकप्रिय होंगे और पर्यटकों को उनकी भाषा में स्मारकों का यादगार परिचय करा सकेंगे. ऐसा एप केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा अथवा आगरा स्मार्ट सिटी परियोजना के अन्तर्गत बनाया जाना सराहनीय कदम होगा.