आगरालीक्स…आगरा में विवि के दीक्षांत समारोह में 79,832 विद्यार्थियों को मिलीं उपाधियाँ, 64 मेधावियों को 88 पदकों से किया गया सम्मानित. गोल्डन ग्रास (मदुर) शिल्पकार अरधेंदु शेखर दास को दी मानद उपाधि
आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत आयोजित 92वें दीक्षांत समारोह का आयोजन सोमवार को स्वामी विवेकानंद (खंदारी) परिसर स्थित शिवाजी मण्डपम में संपन्न हुआ. इसमें उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के साथ मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के अध्यक्ष प्रो. पंकज अरोड़ा तथा विशिष्ट अतिथि एवं प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय रहे.
79,832 विद्यार्थियों को मिली उपाधियाँ
इस वर्ष विश्वविद्यालय द्वारा कुल 79,832 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं. इनमें 55,686 स्नातक, 9,150 स्नातकोत्तर, 14,826 प्रोफेशनल पाठ्यक्रम, 167 पीएच.डी. तथा 03 डी.लिट्. की उपाधियाँ शामिल रहीं. शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए 64 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 88 स्वर्ण, रजत एवं अन्य पदकों से सम्मानित किया गया. इनमें 46 छात्राएँ एवं 18 छात्र शामिल रहे, जिसने उच्च शिक्षा में बेटियों की बढ़ती भागीदारी एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन को एक बार पुनः प्रमाणित किया. पारंपरिक हस्तशिल्प एवं ग्रामीण उद्यमिता के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध गोल्डन ग्रास (मदुर) शिल्पकार अरधेंदु शेखर दास को विश्वविद्यालय की मानद उपाधि से अलंकृत किया गया.
शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकार
दीक्षांत समारोह केवल उपाधियों के वितरण तक सीमित नहीं रहा। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को उपयोगी किट वितरित की गईं तथा प्राथमिक विद्यालयों को पुस्तकें प्रदान कर शिक्षा के सामाजिक विस्तार का संदेश दिया गया. विश्वविद्यालय मॉडल स्कूल के विद्यार्थियों ने "पर्यावरण गीत" पर मनोहारी सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर पर्यावरण संरक्षण का प्रेरक संदेश दिया.
समारोह के दौरान कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय की अनेक महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया. लोकार्पित परियोजनाओं में विश्वविद्यालय मॉडल स्कूल का जीर्णोद्धार, मियावाकी (निधिवन) परियोजना, चाणक्य सदन एवं अतिथि गृह का एकीकरण, सुल्तानगंज परिसर में शताब्दी भवन (सेंटर फॉर लीगल एजुकेशन), कणाद हाई-टेक इंस्ट्रूमेंटेशन सेंटर, आंबेडकर प्रतिमा स्थल का नवीनीकरण तथा छलेसर परिसर में सुभाष चन्द्र बोस मुख्य द्वार, लॉन टेनिस कोर्ट एवं सड़क निर्माण कार्य प्रमुख रहे. इसके साथ ही खंदारी परिसर स्थित आंबेडकर भवन तथा टीचर्स होम (12 आवास) के जीर्णोद्धार का शिलान्यास भी किया गया.

डॉक्यूमेंट्री से डिजिटल डिग्री तक
समारोह में विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो 90.4 "आगरा की आवाज़" द्वारा विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष एवं दीक्षोत्सव पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री तथा लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसने विश्वविद्यालय की गौरवशाली शताब्दी यात्रा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया. राष्ट्रीय शैक्षणिक डिपॉजिटरी (NAD) के माध्यम से डिजिटल डिग्री का लाइव प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहा. इसके अतिरिक्त HDFC बैंक के CSR सहयोग, शिक्षकों की पुस्तकों के लोकार्पण, चार उत्कृष्ट शिक्षकों के सम्मान तथा HPV जागरूकता अभियान में सहयोग देने वाले प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को सम्मानित कर विश्वविद्यालय ने शिक्षा के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व को भी नई ऊँचाई प्रदान की.
खिलाड़ियों का विशेष सम्मान
राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया अखिल भारतीय विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं, खेलो इंडिया एवं नॉर्थ जोन प्रतियोगिताओं के स्वर्ण पदक विजेताओं को 1.05 लाख रुपये, रजत पदक विजेताओं को 50 हजार रुपये तथा कांस्य पदक विजेताओं को कुल 4.20 लाख रुपये की नकद धनराशि एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए.

उपलब्धियों का उत्सव, भविष्य का संकल्प
कुलपति प्रो. आशु रानी ने विश्वविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुसंधान, नवाचार, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय की प्रगति, विद्यार्थियों को प्रदान की जाने वाली उपाधियों तथा भविष्य की विकास योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा को केवल ज्ञानार्जन तक सीमित न रखकर उसे नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व, कौशल विकास एवं मानवीय मूल्यों से जोड़ने की दिशा में निरंतर अग्रसर है.