आगरालीक्स…अगर आपकी आवाज बदल रही है या थूक गटकने में दर्द हो रहा है तो जरूरक कराएं खाने की नली एसोफैगस की जांच. आगरा सर्जन एसोसिएशन की कार्यशाला में की गई चर्चा
एसोफैगस कैंसर के इलाज और जांच पर की गई चर्चा
आवाज बदल रही है, थूक गटकने में दर्द होता है तो खाने की नली एसोफैगस की जांच करा लें, ये खाने की नली के कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। गुरुवार को होटल होली डे इन में आयोजित कार्यशाला में खाने की नली एसोफैगस के कैंसर पर चर्चा की गई। मुख्य वक्ता गेस्ट्रो सर्जन डा. राजू पारीक ने बताया कि खाने की नली के कैंसर के केस बढ़ रहे हैं। इस कैंसर में लक्षण बहुत बात में आते हैं, जब तक पता चलता है तब तक कैंसर शरीर के कई हिस्सों में फैल चुका होता है। इन मरीजों की जान बचाना डाक्टरों के लिए मुश्किल होता है। ऐसे में आवाज बदलने, थूक गटकने में परेशानी होने पर जांच करा लेनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि विदेशों में साइटोस्पंज तकनीक की मदद से खाने की नली के कैंसर का प्रारंभिक अवस्था में पता चल जाता है। इसमें एक धागे से बांधकर कैप्सूल मरीज को खिलाया जाता है, यह कैप्सूल खाने की नली में जाता है और कैप्सूल पर कोशिकाएं चिपक जाती हैं। इस कैप्सूल को बाहर निकालने के बाद कोशिकाओं की जांच की जाती है। इससे कैंसर का पता चल जाता है।
आगरा सर्जन एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. सुनील शर्मा ने बताया कि जिन मरीजों को एसिडिटी की समस्या है तो कैंसर का खतरा हो सकता है। इसके लिए अपनी जांच जरूर कराएं और जीवनशैली में बदलाव करें। संचालन सचिव डा. समीर कुमार ने किया। डा. आरसी अग्रवाल, डा. अपूर्व चतुर्वेदी, डा. प्रशांत गुप्ता, डा. अमित श्रीवास्तव, डा. एमएस अग्रवाल, डा. आरएम पचौरी, डा. संदीप अग्रवाल, डा. हिमांशु यादव आदि मौजूद रहे।