आगरालीक्स…आगरा में मरीजों की सौदेबाजी में घिरे हॉस्पीटल में बच्चे की मौत पर मारपीट, हंगामा. स्वास्थ्य विभाग ने हॉस्पीटल कराया बंद…वीडियो वायरल
आगरा के थाना एत्माद्दौला क्षेत्र में संचालित एएस चिल्ड्रन हॉस्प्टिल में आज बच्चे की मौत के बाद तीमारदारों ने हंगामा कर दिया. हंगामा इतना बढ़ गया कि अस्पताल स्टाफ और तीमारदारों के बीच मारपीट होने लगी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह आक्रोशित लोगों को शांत कराया. इधर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो कई सारी अव्यवस्थाएं अस्प्ताल में मिली जिसके बाद अस्पताल को पूरी तरह से बंद करा दिया. यहां भर्ती मरीजों को अन्य जगह शिफ्ट करा दिया गया. इस अस्पताल में एनआईसीयू और आईसीयू संचालित था लेकिन वो बिना मानकों के थे.
ये है पूरा मामला
ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस वन में एसएस अस्पताल है. इसके संचालक डॉ. विजय यादव हैं. आंवलखेड़ा के रहने वाले किशनपाल ने बताया कि दो दिसंबर को पत्नी के नॉर्मल डिलीवरी से बच्चा हुआ था. बच्चे के पेट में गंदा पानी जाने पर उसे एएस अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉ. विजय यादव द्वारा बच्चे का उपचार किया जा रहा था. उन्होंने बताया कि बच्चा ठीक है, घबराने की बात नहीं है. 13 दिन तक उन्होंने बच्चे को आईसीयू में एडमिट कर रखा था.
तीमारदारों का कहना है कि इस दौरान दवा और आईसीयू के नाम पर करीब पौने दो लाख रुपये ले लिए हैं. किसी परिजन को आईसीयू में जाने नहीं दिया गया. उनसे कहा गया कि बच्चा 90 प्रतिशत रिकवर हो गया है. गुरुवार रात को भी 20 हजार रुपये जमा करा लिए गए. शुक्रवार सुबह किसी तरह से परिजन आईसीयू में चले गए वहां देखा तो बच्चा हरकत ही नहीं कर रहा था. उसकी पल्स नहीं आ रही थी. उन्होंने डॉक्टर से बच्चे की तबियत के बारे में पूछा तो कहा कि बच्चा ठीक है लेकिन एक घंटे बाद बुलाकर कहा कि बच्चा खत्म् हो गया है. उसे ले जाएं.
परिजनों ने किया हंगामा, मारपीट
इधर बच्चे की मौत की खबर पर परिजन शॉक्ड रह गए. उनका कहना था कि डॉक्टर द्वारा बच्चे की मौत के बाद इलाज के नाम पर रुपये हड़पे गए हैं. डॉक्टर द्वारा उन्हें लगातार गुमराह किया जाता रहा. उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया. इस दौरान अस्पताल स्टाफ और तीमारदारों के बीच नोकझोंक और मारपीट होने लगी. सूचना पर पुलिस आ गई. पुलिस ने किसी तरह समझाकर शांत कराया. इधर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची. जांच की गई तो कई अव्यवस्थाएं मिलीं. इस पर अस्पताल में चिकित्सीय कार्य पर रोक लगा दी और यहां भर्ती सभी मरीजों को अन्य अस्पतालों में शिफ्ट करा दिया गया है.
मरीज भर्ती में सौदेबाजी के भी है अस्पताल पर आरोप, चल रही है जांच
ट्रांस यमुना स्थित एएस अस्पताल में मरीज भर्ती में सौदेबाजी और कमीशनखोरी का आरोपों की जांच भी चल रही हे. बताया जाता है कि हाथरस के रहने वाले एक युवक ने भी यहां बच्चे की मौत और रुपये वसूलने का आरोप लगाया है. हाथरस जिला अस्पताल से इस युवक के बच्चे को एसएन अस्पताल के लिए रेफर किया गया था लेकिन एंबुलेंस द्वारा इस बच्चे को एसएन न पहुंचाकर एएस अस्पताल में भर्ती करा दिया गया. इ मामले में सीएमओ द्वारा जांच की जा रही है.