आगरालीक्स…आगरा में अभिभावक संघ का आरोप—टैक्सपेयर और 5 लाख से अधिक इनकम वाले फर्जी तरीके से RTE के अंतर्गत करा रहे प्रवेश…गरीब बच्चों के लिए आरक्षित सीट पर धांधलेबाजी…खुला उल्लंघन
आगरा में अभिभावक संघ के संयोजक डॉ.मदन मोहन शर्मा ने एक गंभीर अनियमितता के खिलाफ मुख्य विकास अधिकारी, आगरा को ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की है। यह अनियमितता शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act) के तहत गरीब बच्चों के लिए आरक्षित सीटों पर उच्च आय वर्ग के अभिभावकों द्वारा फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से प्रवेश लेने से संबंधित है।डॉ. मदन मोहन शर्मा ने बताया कि ऐसे अनेक मामले प्रकाश में आए हैं जिनमें अभिभावक, जिनकी वार्षिक आय ₹5 लाख से अधिक है और जो नियमित आयकरदाता हैं, उन्होंने फर्जी आय प्रमाणपत्र या शपथपत्र के आधार पर अपने बच्चों का नामांकन निशुल्क RTE सीटों पर करवा लिया है। यह न केवल कानून का उल्लंघन है,बल्कि गरीब और जरूरतमंद बच्चों के हक का भी सीधा हनन है।
प्रमुख बिंदु जो सामने आए:EWS आय सीमा ₹1 लाख/वर्ष निर्धारित है (उत्तर प्रदेश शासन आदेश दिनांक 02.09.2014)।
ऐसे फर्जी प्रवेश भारतीय न्याय संहिता, 2023 की कई धाराओं के अंतर्गत दंडनीय अपराध हैं – जिनमें धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र शामिल हैं।
RTE के तहत विद्यालय की दूरी (1 किमी – प्राथमिक, 3 किमी – उच्च प्राथमिक) के नियमों का भी व्यापक उल्लंघन हो रहा है।
अभिभावक संघ की प्रमुख मांगें:
ऐसे सभी संदेहास्पद मामलों की पुनः जाँच की जाए।
दोषी अभिभावकों के बच्चों का प्रवेश निरस्त किया जाए।
आपराधिक धाराओं के तहत कानूनी कार्यवाही हो।
ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन प्रणाली को सशक्त किया जाए।
विद्यालय दूरी-नियमों का सख्ती से पालन हो तथा पुराने प्रवेशों की भी समीक्षा हो।
डॉ.मदन मोहन शर्मा ने यह भी बताया कि एक सूची और प्रमाणों सहित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया है,तथा यदि समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला माननीय उच्च न्यायालय में ले जाया जाएगा।