आगरालीक्स… आगरा में आज ईसाई समाज के लिए खुशियों भरा दिन। प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने का पर्व। रात 12 बजते ही चर्चों में गूंजे घंटे-घड़ियाल। प्रभु के जी उठने की घोषणा..
गिरजाघरो में पादरियों ने कराई पवित्र प्रार्थना

निष्कलंक माता महागिराजाघर (सेंट पीटर्स) में आर्च बिशप डा. राफी मंजलि, सेंट्रल मैथडिस्ट चर्च में पादरी सिल्वेस्टर मैसी ने तथा सेंट जॉर्जेज केथेड्रल चर्च, छावनी में बिशप पीपी हाबिल ने पवित्र प्रार्थना पूजा कराई।
पवित्र जल से की गई आशीष
रात में जागरण की पूजा के दौरान नई आग, पास्का की मोमबत्ती तथा पवित्र जल की आशीष की गई। अब यही पवित्र जल सभी विश्वासियों के घरों, संस्थानों में पुरोहितों द्वारा छिड़का जाएगा।
नकारात्मक शक्तियों का होता है नाश
ईसाइयों का मानना है कि इस पवित्र जल से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है, जनकल्याण और समाजसेवा का भाव प्रकट होता है।
सुबह ईसाई समाज की धन्यवाद सभा हुई
इसी संबंध में आज (रविवार) सुबह पांच बजे हैवलॉक मैथोडिस्ट चर्च आगरा छावनी में संयुक्त ईसाई समाज की धन्यवाद सभा आयोजित की गई। क्रिश्चियन समाज सेवा सोसाइटी के अध्यक्ष डेनिस सिल्वेरा और फादर मून लाजरस ने ईस्टर पर्व की शुभकामनाएं दीं।
ईसाइयों के लिए खुशियों भरा दिन है आज
उल्लेखनीय है कि ईसाइयों के लिए खुशियों से जुड़े दो पर्व बेहद खास होते हैं क्रिससम और ईस्टर। क्रिसमस 25 दिसंबर के दिन प्रभु यीशु का जन्म हुआ था। ईसाई धर्मग्रंथ के मुताबिक गुड फ्राइडे को सलीब पर लटकाए जाने के दो दिन बाद यीशु पुन: जीवित हो उठे थे।