आगरालीक्स…आगरा में सर्राफ छदामीलाल वर्मा ने 35 लाख के कर्ज से बचने के लिए रची थी खुद के अपहरण की झूठी साजिश. पुलिस ने मध्यप्रदेश से पकड़ा. मुकदमा दर्ज कर भेजा जेल
आगरा के थाना सैंया क्षेत्र में सर्राफा व्यापारी छदामीलाल वर्मा ने 35 लाख की उधारी से परेशान होकर अपने अपहरण की फर्जी योजना बनाई थी. एसओजी, स्वाट, सर्विलांस, सीआईडब्ल्यू व थाना सैंया के संयुक्त आपरेशन द्वारा सर्राफा व्यापारी को बरामद कर लिया गया है. पुलिस ने व्यापारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी.
ये है पूरा मामला
20 मई को विनोद शर्मा ने थाना सैंया में पुलिस को सूचना दी कि मेरे भाई छदामीलाल वर्मा आज शाम को गांव बृथला से आगरा के लिए निकला था एवं गांव से निकलते समय वह पहले पदमापुरा कुछ तगादे के लिए गया था. वहां से आगरा के लिए अपनी बाइक से निकले थे. कुछ समय बाद मेरे बड़े भाई थान सिंह वर्मा पर भाई छदामीलाला वर्मा की कॉल अपने मोबाइल से आई और कहा कि मुझे कटीपुल पर पकड़ लिया गया है तू अभी आ जा. इतना कहते हुए उनके रोने की आवाज आ रही थी और फोन कट गया. फोन कटने के बाद दोबारा कॉल की गई तो वह बंद था. कटीपुल पर परिजन पहुंचे तो वहां पर छदामीलाल वर्मा की बाइक पड़ी मिली. पास में ही हेलमेट व एक जूता पड़ा मिला एवं कुछ दूर पर दूसरा जूता व बैग मिला, जिसमें दुकान का सामान रखते थे. बैग में से कुछ पेपर वहीं पड़े थे.

पुलिस ने इस सनसनीखेज घटना की सूचना पर तत्काल एसएसपी द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और घटना के खुलासे एवं गायब व्यापारी की बरामदगी के लिए छह टीमों का गठन किया गया. इस मामले में नया मोड़ तब आया जब पुलिस को झांसी रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी में छदामीलाल वर्मा जैसा हूबहू आदमी नजर आया. पुलिस ने इसके आधार पर पूछताछ, सीसीटीवी, मुखबिर, सर्विलांस आदि के माध्यम से गायब हुए व्यापारी को बागेश्वर मंदिर छतरपुर मध्य प्रदेश से बरामद कर लिया.
35 लाख रुपये का था कर्जा, इसलिए रचा फर्जी अपहरण का नाटक
पुलिस पूछताछ में छदामीलाल वर्मा ने बताया कि उसके ऊपर विभिन्न लोगों का लगभग 30 से 35 लाख रुपये कर्ज हो गया था एवं वह काफी दिनों से उलझन में था कि कर्जा कैसे चुकाया जाए. उसका व्यवसाय भी अच्छा नहीं चल रहा था इसलिए उसने स्वयं के अपहरण की योजना बनाई. छदामीलाल वर्मा ने अपने मोबाइल से थान सिंह के मोबाइल पर कॉल कर बदमाशों द्वारा पकड़े जाने की झूठी सूचना दी. इसके बाद उसने कुछ घंटों बाद बदमाश बनकर मोबाइल से अपने भाई विनोद के मोबाइल नंबर पर मैसेज किया कि तेरा आदमी हमारे पास है, हम तेरे पास लोकेशन भेज देंगे. 50 लाख के साथ बात भी कराएंगे. हमने इसको इतना मारा है कि अभी होश में नहीं है, हाथ तोड़ दिया है. पुलिस को बताया तो हम तेरे आदमी को गोली मार देंगे….का मैसेज करके ट्रकों व बसों में बैठकर लम्बा निकल गया. छदामीलाल वर्मा ने कहा कि उसे नहीं मालूम था कि पुलिस उसे पकड़ लेगी.
पुलिस ने झूठे अपहरण के मामले में छदामीलाल वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और उसे जेल भेज दिया है. पुलिस का कहना है कि छदामीलाल वर्मा शातिर किस्म का व्यक्ति है, जिसके द्वारा पुलिस को झूठी सूचना देकर अपने ऊपर कर्ज को न चुकाना पड़े. जिनका उधारी का पैसा है, उनको धोखा देने के लिए उसके द्वारा यह कृत्य किया गया.