आगरालीक्स…आगरा विकास प्राधिकरण में फर्जी तरीके से बेच दिया 162 वर्ग मीटर का भूखंड. सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज…ऐसे खुला मामला
आगरा विकास प्राधिकरण में फर्जी तरीके से भूखंड बेचने के लगातार मामले सामने आ रहे हैं. अब वाणिज्य कर अधिकारी की फर्जी वसीयत तैयार कर 162 वर्ग मीटर का भूखंड बेचने का मामला सामने आया है. मामला सही साबित होने पर सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. मामले की जांच की जा रही है.
ये है पूरा मामला
मामला वाणिज्य कर अधिकारी से जुड़ा हुआ है. दत्ता के जीवनी मंडी भैरों बाजार की रहने वाली कुसुमलता ने सिकंदरा थाने में सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. कुसुम लता के अनुसार उनके पति उदयवीर सिंह वाणिज्य कर अधिकारी थे. पति ने मार्च 2003 में शास्त्रीपुरम के सी ब्लॉक में 162 वर्ग मीटर का भूखंड लिया था. इसका बैनामा उनके नाम था. रिटायर्ड होने के बाद उनके पति की वर्ष 2016 में मौत हो गई. कुसुमलता का आरोप है कि इसके बाद महाराणा प्रताप आशियाना कानपुर रोड निवासी जलज सिंह ने एक फर्जी वसीयत 30 दिसंबर 2003 को नोटरी के द्वारा तैयार कराई. इसमें फर्जी दस्तावेजों से दिसंबर 2001 में उनका भूखंड का बैनामा रौतान सिंह निवासी देवरी का नगला सदर के नाम कर दिया. जबकि कुसुमलता का कहना है कि वह और उनके पति किसी जलज सिंह को नहीं जानते थे. कुसुमलता के अनुसार पति ने भूखंड की किसी के नाम कोई वसीयत नहीं की थी और उक्त भूखंड की वह बारिश हैं. उन्होंने बताया कि पिछले साल 8 दिसंबर 2021 को उनके परिवार को फर्जी वाड़े का पता चला जब आरोपी भूखंड पर नींव की खोदाई करने के लिए पहुंचे. उन्होंने इस मामले की शिकायत एडीए उपाध्यक्ष से की. विभागीय जांच में मामला साही पाए जाने पर पीड़िता की ओर से थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज कराया गया है.

इनके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
जलज सिंह निवासी 117 महाराणा प्रताप आशियान कानपुर रोड लखनऊ
रौतान सिंह निवासी देवरी का नगला सदर आगरा
हीरालाल अग्रवाल निवाीस 102 गणपति टावर खंदारी हरीपर्वत
रमाकांत शर्मा निवासी नया बांस लोहामंडी आगरा
सुनील गुप्ता निवासी शास्त्रीपुरम सिकंदरा
गुलशन और गंगा प्रसाद रिटायर्ड लिपिक आगरा विकास प्राधिकरण