आगरालीक्स…आगरा के ईसाई समाज ने मणिपुर बर्बरता को लेकर निकाली मौन शांति पदयात्रा. मणिपुर में महिलाओं और युवतियों के साथ की गई अमानवीय हिंसा का जताया विरोध
आगरा के महाधर्मप्रान्त के महिला आयोग एवं महिला शांति सेना, आगरा के संयुक्त आहवान पर आगरा में एक मौन शांति पदयात्रा निकाली गई, जिसमें आगरा व निकटवर्ती अचलों से एक विशाल संख्या में लोगो ने भाग लिया। पदयात्रा मुख्यतः मणिपुर में महिलाओ और युवतियों के साथ की गई अमानवीय हिंसा और अत्याचार के विरूद्ध तथा वहाँ शीघ्र शांति स्थापना के लिए निकाली गई थी। पदयात्रा सांय 4 बजे निष्कलंक माता महागिरजाघर से प्रारंभ होकर वजीरपुरा होती हुई संजय प्लेस स्थित शहीद स्मारक पहुँची। पदयात्रा के दौरान सभी लोग पंक्तिबद्ध होकर हाथों में जलती हुई मोमबत्तियों लिए हुए थे।

आगरा महाधर्मप्रान्त के आध्यात्मिक निर्देशक फादर मून लाजरस ने बताया कि पदयात्रा के प्रारम्भ में श्रीमती जोसफिन ने सबका स्वागत किया व आवश्यक निर्देश दिए। शहीद स्मारक पहुँचने पर महिला आयोग की सचिव सुश्री पैंसी थॉमस ने सबका स्वागत किया। महिला शांति सेना आगरा की “अध्यक्ष श्रीमती वत्सला प्रभाकर एवं सेंट जोसफ कॉलेज की प्रधानाचार्या सिस्टर पाशा ने सभा को सम्बोधित किया । इस अवसर पर मणिपुर के दंगो मे मारे गए निर्दोष लोगो की आत्मशांति के लिए मौन श्रद्धाजंलि दी गई। अवसरानुकूल भजन गाए गए एवं शांति पाठ किया गया। श्रीमती शा शितल ने महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू के नाम आगरा की महिलाओं द्वारा भेजे जाने वाले ज्ञापन को पढ़कर सुनाया। श्रीमती मोरिन मिराण्डा ने शांति की प्रार्थना की। सभा में अपने देश, संविधान, राष्ट्रीय नेताओ तथा विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं में मारे गए लोगों के लिए भी विशेष प्रार्थनाएं की।
सभा के अन्त में शहीद स्मारक पर मोमबत्तियाँ जलायी गई। समस्त कार्यक्रम का संचालन सुश्री पैंसी थामस एवं श्रीमती (डा०) लीना लाजर ने किया। मीडिया प्रभारी डेनिस सिल्वेरा एवं लॉरेंस मसीह ने पुलिस प्रशासन, मीडिया एवं मसीह समाज के उपस्थित जन मानस के प्रति आभार प्रकट किया। श्री डेनिस सिल्वेरा ने बताया कि समाज में सभी लोगो को संविधान का आदर करते हुए नारी गरिमा की रक्षा करनी चाहिए।