आगरालीक्स…आगरा में महंगी किताबें, महंगी यूनिफार्म के साथ स्कूलों की मनमानी की शिकायत प्रशासन तक पहुंची. शिकायत में इन 9 मुख्य बातों का जिक्र…
आगरा जिले में स्थित सीबीएसई बोर्ड,आईसीएससी बोर्ड, यूपी बोर्ड के स्कूलों में अनेक अनियमितताएँ देखी जा रही हैं,जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को आर्थिक तथा मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभिन्न स्कूलों द्वारा अनावश्यक शुल्क वसूलने,महंगी किताबें व यूनिफॉर्म खरीदने की अनिवार्यता,अतिरिक्त फीस लेने,तथा पारदर्शिता की कमी जैसी समस्याएँ निरंतर सामने आ रही हैं। इस मामले को लेकर आगरा की श्री बांके बिहारी एजुकेशनल सोसाइटी और अभिभावक संघ की ओर से मुख्य विकास अधिकारी तक शिकायत भेजी गई हैं.
इन समस्याओं का जिक्र
निर्धारित दुकानों से खरीददारी की बाध्यता:स्कूल केवल कुछ विशेष दुकानों से पुस्तकें,यूनिफॉर्म और स्टेशनरी खरीदने के लिए बाध्य करते हैं, जिससे कीमतें अनावश्यक रूप से बढ़ा दी जाती हैं।
अत्यधिक फीस वसूली:ट्यूशन फीस के अलावा कंप्यूटर फीस,लाइब्रेरी फीस, खेल शुल्क आदि लिए जाते हैं,जबकि कई छात्रों को इन सेवाओं का पूरा लाभ नहीं मिलता।
वार्षिक शुल्क और विकास शुल्क: ये शुल्क बिना किसी पारदर्शिता के वसूले जाते हैं, जिनका कोई प्रत्यक्ष लाभ विद्यार्थियों को नहीं मिलता।
कार्यक्रमों के लिए अनिवार्य शुल्क: सांस्कृतिक कार्यक्रमों,खेल प्रतियोगिताओं और कार्यशालाओं के लिए अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है।
स्कूल परिवहन की अनिवार्यता: कई स्कूल निजी परिवहन की अनुमति नहीं देते और अपनी महंगी परिवहन सेवा को अनिवार्य कर देते हैं।
अतिरिक्त कक्षाओं का शुल्क: बोर्ड परीक्षाओं के दौरान अतिरिक्त कक्षाओं या कोचिंग का शुल्क अलग से लिया जाता है।
डिजिटल शिक्षा शुल्क: कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी फीस वसूली जाती है, भले ही विद्यार्थियों को इन संसाधनों का पूरा लाभ न मिले।
अन्य अनावश्यक शुल्क: स्कूल फंड, भवन निर्माण फंड, शैक्षिक टूर और पार्किंग शुल्क के नाम पर अतिरिक्त वसूली की जाती है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सभी निर्धन छात्र छात्राओं को प्रवेश कराया जाए।
ज्ञापन के माध्यम से बताया गया है कि इन समस्याओं के कारण अभिभावकों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ बढ़ रहा है,और यह शिक्षा के मूल उद्देश्य के विपरीत है। इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित स्कूलों के खिलाफ उचित जाँच एवं आवश्यक कार्यवाही की जाए,ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों को राहत मिल सके। ज्ञापन देने वालों प्रमुख रूप से डॉ मदन मोहन शर्मा अध्यक्ष श्री बांके बिहारी एजुकेशनल सोसाइटी, नकुल सारस्वत,उमेश सिंह, एडवोकेट ब्रज वर्मा,उत्कर्ष त्यागी,सोम शर्मा,मोहित सिंह,प्रिंस यादव,संदीप यादव,अनिकेत शर्मा, दीपक,गब्बर राजपूत, विधायक शर्मा,नवीन खुबानी आदि लोग उपस्थित थे. ज्ञापन की प्रतिलिपि महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन, आयुक्त आगरा मंडल आगरा, जिलाधिकारी आगरा को प्रेषित किया गया है.