आगरालीक्स….“सिन्दूरवर्णं द्विभुजं गणेशं…” आगरा में बरसते मेघ भी न रोक सके आस्था का सैलाब, श्रीवरद वल्लभा महागणपति के दर्शनों की रही भक्तों को आतुरता
छलेसर मार्ग स्थित श्री वरद वल्लभा महागणपति मंदिर में चल रहे 11 दिवसीय गणेश महोत्सव के दसवें दिन शुक्रवार को आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही मेघ गरजते और बरसते रहे, लेकिन भक्तों की श्रद्धा इतनी प्रबल रही कि बारिश भी उन्हें रोक न सकी। भीगते हुए भक्त बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचे और महागणपति के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए।इस अवसर पर वरद वल्लभा गणपति को बैंगनी-पुष्प श्रृंगार और स्वर्ण आभूषणों से अलंकृत किया गया। चारों ओर सजे गुलाबी और बैंगनी फूलों ने मंदिर परिसर को अलौकिक आभा से भर दिया। भक्तों ने “ॐ गं गणपतये नमः” और “सिद्धिविनायक नमो नमः” के गगनभेदी उच्चारण के साथ गणपति का स्मरण किया।
संस्थापक हरिमोहन गर्ग ने बताया कि महोत्सव के दसवें दिन विशेष पुष्प बंगला सजाया गया जिसमें हजारों फूलों का प्रयोग किया गया। भक्तों के लिए प्रसाद स्वरूप मोदक भोग का भव्य आयोजन किया गया। मंदिर परिसर में हुए भजन-कीर्तन में श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर भाग लिया।