आगरालीक्स…आगरा की सिविल एन्क्लेव योजना ड्रॉप होने पर पर्यटन कारोबारियों में निराशा. बोले— यहां के उद्योग बाहर चले गए, नए उद्योग लग नहीं सकते. एक पर्यटन है, उसमें भी अड़ंगा…
हाल में आरटीआई के जरिए सामने आया कि आगरा के लिए लागू की गई नई सिविल एन्क्लेव योजना को पर्यावरणीय मंजूरी न मिलने के कारण फिलहाल ड्रॉप कर दिया गया है. ”398 करोड़ की निर्माण लागत पर पीक आवर्स में 700 यात्रियों के लिए 30,000 वर्गमीटर क्षेत्र का एक टर्मिनल भवन की प्लानिंग की गयी थी. योजना को फिलहाल ड्रोप कर दिया गया है क्योंकि कोर्ट केस के कारण पर्यावरण मंजूरी प्राप्त नहीं हुई है.” इसके कारण आगरा के पर्यटन कारोबारियों में खासी निराशा छा गई है. उनका कहना है कि आगरा पॉल्यूशन के नाम पर पहले ही काफी पिछड़ चुका है. यहां के उद्योग बाहर चले गए, नये उद्योगों को पॉल्यूशन के कारण नहीं लगा सकते. ऊपर से जो सिविल एन्क्लेव से पर्यटन उद्योग को एक उम्मीद जागी थी कि आगरा को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए हवाई उड़ानों से जोड़ा जायेगा, उस उम्मीद पर भी अब पर्यावरण का अड़ंगा लगा दिया गया है.

कारोबारियों का कहना है कि नये सिविल एन्क्लेव योजना से आगरा के पर्यटन को और विकास मिलता. आगरा आने वाले पर्यटकों को आगरा में ही रुकने का अवसर मिलेगा, जिससे यहां के कारोबार को गति मिलेगी. इससे शहर का विकास भी होगा. जब गोवा मुंबई बेंगलोर व अन्य बड़े शहरों के लिये हवाई सेवा मिलेगी तो विदेशी सैलानियों को यहां रुकने में कोई दिक्कत नहीं होगी. इसके साथ ही आगरा के व्यापारियों को भी आने जाने में काफी सुविधा मिलती. उन्होंने्र कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा सिविल एन्क्लेव योजना को मंजूरी मिल चुकी है,लेकिन अब यह पर्यावरण का अड़ंगा लगाकर आगरा के पर्यटन उद्योग को झटका दिया है. इससे उद्यमियों में निराशा फैली है. व्यापारियों का कहना है कि अगर इसी तरह पॉल्यूशन व पर्यावरण की आड़ लगती रही तो आगरा देश के सबसे पिछड़े शहरों में गिना जायेगा.
इस संबंध में आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने शहर की प्रमुख पर्यटन उद्योग की संस्थाओं व व्यापारियों से बात कर इस विषय को गंभीरतापूर्वक आगे जो भी उनके विभाग है बात की जाएगी. आगरा व्यापार मंडल जल्द ही इस संदर्भ में जल्द ही पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव व नगरीय विमानन मंत्री ज्योतिराज सिधिंया से मिलेगा.