आगरालीक्स…आगरा में यमुना नदी की स्थिति को देखने पहुंचे जिलाधिकारी. संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण. लोगों को लाइफ जैकेट बांटी और दो दिन नाव न चलाने के दिए निर्देश..अगले 24 घंटे अहम
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने गुरुवार को यमुना नदी की स्थिति को देखा और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया जिसमें नौरा नूरपुर, समौगर के बुर्ज मजरा, सरगन खेड़ा तहसील सदर की संभावित बाढ़ प्रभावित ग्राम क्षेत्र शामिल रहे. जिलाधिकारी सर्वप्रथम सदर तहसील की ग्राम पंचायत समौगर के बुर्ज मजरा पहुंचे जहां ग्रामीणों से बाढ़ सम्बन्धी जानकारी ली. गांव वालों ने बताया कि गांव में 12 परिवार निवास करते हैं तथा 2023 में गांव बाढ़ से प्रभावित हुआ था, इस बार भी गांव तक पानी आने की पूर्ण सम्भावना है.जिलाधिकारी ने उपजिला मजिस्ट्रेट तथा लेखपाल व पंचायत सचिव को बाढ़ से निपटने की समस्त तैयारी करने को निर्देशित किया तथा आवश्यकता पड़ने पर परिवारों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. इसके बाद जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय सरगन खेड़ा का निरीक्षण किया, जहां बाढ़ प्रभावित गांव वालों को जरूरत पड़ने पर रखा जा सके. इसके बाद जिलाधिकारी तनौरा नूरपुर पहुंचे जहां यमुना घाट का निरीक्षण किया तथा यमुना से लगे डूब क्षेत्र को देखा और ग्रामीणों से बात की तथा निर्देश दिए कि सिंचाई विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 19-08-2025 को ओखला 91212 क्यूसेक पानी छोड़े जाने एवं गोकुल बैराज से 87079 क्यूसेक पानी छोडे़ जाने के कारण यमुना नदी का जलस्तर कल तक और बढ़ने की सम्भावना है. अतः दो दिन यमुना नदी में अपनी सभी गतिविधियां बन्द रखें, उन्होंने नाविकों को निर्देशित किया कि वह दो दिन अपनी नाव भी बन्द रखेंगे.
जिलाधिकारी ने सभी नाविकों को लाइफ जैकेट का वितरण किया तथा किसी भी आपदा की स्थिति में लेखपाल, ग्राम पंचायत सचिव, उपजिलाधिकारी व जिलाधिकारी से सीधे सम्पर्क करें. जिलाधिकारी ने लेखपाल व ग्राम पंचायत सचिव को सभी प्रभावित गांवों में उपस्थित रहकर सतत निगरानी रखने के कड़े निर्देश दिए. जिलाधिकारी को गांव वालों ने अवगत कराया कि गांव के कुछ कृषि क्षेत्र में जल जमाव होने से फसलों को नुकसान हुआ है, जिलाधिकारी ने सम्बन्धित लेखपाल को मौके पर सर्वे कर नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दिए. जिलाधिकारी ने सम्बन्धित को निर्देशित किया कि ग्रामीणों के साथ जागरूकता बैठक तथा मुनादी करा के लोगों को बाढ़ से बचाव संबंधी जानकारी दी जाए, गोताखोर व नाविकों की टीम तैनात करने, बाढ़ प्रभावित गांवों में बाढ़ से निपटने की समस्त तैयारी करने, जलस्तर बढ़ने की अद्यतन जानकारी संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों को देने के निर्देश दिए.