आगरालीक्स ….आगरा में यमुना और तालाबों में डूबने की घटनाएं बढ़ने पर प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी।

एडीएम यशवर्धन श्रीवास्तव का कहना है कि डूबने की घटनाये तेजी से बढ़ रही है, देखा जा रहा है कि बढ़ती गर्मी से राहत पाने हेतु घाटों, नदी, तालाबों आदि में स्नान करने के दौरान बच्चों, किशोर व किशोरी एवं अन्य व्यक्तियों की मृत्यु डूबने के कारण हो रही है। ऐसे में खतरनाक घाटों,तालाबों, गड्डों के किनारे ना स्वयं जाये न ही बच्चों को जाने दे। यदि तैरना जानते हो तभी घाटों,तालाबों, गड्डों के किनारे जाये। बच्चों को पुल,घाटों,तालाबों, गड्डों के तेज बहाव में स्थान करने से रोके। बच्चों को पुल/पुलिया ऊँचे टीले/पेड़ से पानी में कूद कर स्नान से रोकें।
इस तरह डूबते लोगों को बचाएं, ये करें प्राथमिक उपचार
डूबते व्यक्ति को धोती,साड़ी, रस्सी, बांस की सहायता से बचाये। यदि तैराना नही जानते है तो पानी में न जाये, सहायता के लिए किसी को पुकारें। सबसे पहले देख लें कि डूबे हुये व्यक्ति के मुँह व नाक में कुछ फंसा तो नहीं है, यदि है तो उसे निकाल दें, यदि डूबा हुआ व्यक्ति को खास, बोल, सांस ले सकने की स्थिति में तो उसे ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करें। मूर्चछा या बेहोशी आने पर सांस देने के साथ ही छाती को दबाएं, नाक व मुँह पर उगलियों के स्पर्श से जांच करलें कि डूबे हुये व्यक्ति की सांस चल रही है या नही। नब्ज की जांच करने के लिए गले के किनारे के हिस्सों को उगलियों से छूकर जानकारी प्राप्त करें कि नब्ज चल रही अथवा नही। नब्ज सांस का पता नहीं चलने पर डूबे हुये व्यक्ति को मुँह से लगाकर दो बार भरपूर सांस लें व 30 बार छाती के बीच में दबाव दें तथा इस विधि को 03 से 04 बार दौहाये ऐसा करने पर दुबारा सांस चलना शुरू हो सकती है।