आगरालीक्स…आगरा में श्रद्धा, उल्लास, सेवा और प्रार्थना के साथ मनाया गया ईस्टर संडे. प्रभु यीशू के पुनर्जीवन की खुशी मनाई. सभी गिरिजाघरों में की गई विशेष प्रार्थनाएं
ईसाई समाज ने रविवार को ) प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान के पावन पर्व ईस्टर संडे को पूरे हर्षोल्लास, श्रद्धा और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया। शहर के सभी गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रभु यीशु के पुनर्जीवन की खुशी मनाई। ईस्टर का यह पर्व आशा, विश्वास, प्रेम और नई शुरुआत का संदेश देता है, जिसे श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ आत्मसात किया। निष्कलंक माता महागिरजाघर (सेंट पीटर्स चर्च) में आयोजित विशेष प्रार्थना सभा में महाधर्माध्यक्ष डॉ. राफी मंजली ने प्रभु यीशु मसीह के जीवन, उनके त्याग, प्रेम और मानवता के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि प्रभु यीशु का पुनरुत्थान हमें यह सिखाता है कि कठिनाइयों और अंधकार के बाद भी जीवन में आशा और प्रकाश का मार्ग अवश्य मिलता है। उन्होंने सभी से प्रभु के सिद्धांतों—प्रेम, क्षमा, दया और सेवा—पर चलने का आह्वान किया।इस अवसर पर निष्कलंक माता महागिरजाघर में जरूरतमंद एवं गरीब लोगों के लिए भोजन वितरण का भी आयोजन किया गया। समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर इस सेवा कार्य में भाग लिया और मानव सेवा को ही सच्ची ईश्वर सेवा मानते हुए जरूरतमंदों की सहायता की। यह पहल ईस्टर के वास्तविक संदेश—प्रेम और सेवा—को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है। वहीं सेंट मैरी चर्च, प्रतापपुर में भी ईस्टर पर्व के उपलक्ष्य में विशेष एवं भव्य प्रार्थना सभा आयोजित की गई। चर्च के पल्ली पुरोहित फादर जोसेफ डाबरे ने देश और विश्व में शांति, सौहार्द एवं भाईचारे के लिए विशेष प्रार्थना कराई। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि ईस्टर हमें यह प्रेरणा देता है कि हम एक-दूसरे के प्रति प्रेम, सहानुभूति और सहयोग की भावना रखें।
प्रार्थना सभा के दौरान विशेष रूप से उन लोगों के लिए प्रार्थना की गई जो बीमार, असहाय और बेसहारा हैं, ताकि उन्हें शक्ति और सहारा मिल सके। साथ ही उन देशों के लिए भी प्रार्थना की गई जहां युद्ध और अशांति का वातावरण बना हुआ है, ताकि वहां शीघ्र ही शांति स्थापित हो सके और मानव जीवन सुरक्षित हो। चर्च परिसर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष वातावरण देखने को मिला।क्रिश्चियन समाज सेवा सोसाइटी के अध्यक्ष श्री डेनिस सिल्वेरा ने बताया कि ईस्टर के दिन ईसाई समाज के लोग अपने स्वजनों की स्मृति में कब्रिस्तानों में जाकर उनकी कब्रों पर पुष्प अर्पित करते हैं और उनके लिए विशेष प्रार्थना करते हैं। यह परंपरा हमें अपने पूर्वजों और प्रियजनों के प्रति सम्मान और स्मरण का संदेश देती है।