आगरालीक्स…आगरा में कारगिल चौराहे से लेकर पश्चिमपुरी तक रोड पर मिली इतनी गंदगी कि माथा चकराया. डिवाइडर इतने गंदे मानो वर्षों से नहीं हुए हों साफ. ये हुआ एक्शन
स्वच्छता कार्य में लापरवाही बरतने और आदेशों की अवहेलना करने पर नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने एक आउटसोर्स कर्मचारी की सेवा समाप्त कर दी जबकि क्षेत्रीय सीएसएफआई का सात दिन के लिए वेतन अस्थाई रूप से रोकने के आदेश दिए हैं। शहर में सफाई कार्य करने और कूड़ा उठाने को लेकर लापरवाही बरतने की शिकायतों का संज्ञान लेकर सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने गत दिवस वार्ड-90 में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान सहायक नगरायुक्त को कारगिल चौराहे से लेकर पश्चिम पुरी रोड के मोड तक जगह-जगह गंदगी मिली। सहायक नगर आयुक्त ने नगरायुक्त को दी गई आख्या में जानकारी दी कि मार्ग के डिवाइडर पर गंदगी जमी हुई थी, इससे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि संबंधित सीएसएफआई मुनेश कुमार व सफाई नायक द्वारा डिवाइडर की काफी समय से सफाई नहीं कराई जा रही थी। निरीक्षण के दौरान सुबह दस बजे तक मुख्य मार्ग पर झाडू सफाई इत्यादि का कार्य नहीं कराया गया था। जबकि मुख्य मार्ग की सफाई का कार्य सुबह ही किये जाने के स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं।
नगरायुक्त के निर्देशों की अवहेलना की
बीते दिनों नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल के द्वारा दिए गए निर्देश पर कारगिल चौराहे से लेकर पश्चिमपुरी रोड तक के मोड़ तक रोड के डिवाइडर पर लगे फूल इत्यादि बेचने वाले लोगों को हटवाया गया था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नगर आयुक्त के निर्देशों की अवेहलना करते हुए संबंधित सीएसएफआई व सफाई नायक द्वारा पुनः फूल बेचने वालों को स्थापित करा दिया गया है जबकि इस संबंध सहायक नगर आयुक्त द्वारा पहले भी सीएसएफआई वं सफाई नायक को कई बार चेतावनी दी जा चुकी थी, लेकिन उनके द्वारा कोई भी संज्ञान नहीं लिया गया।
एसएफआई द्वारा क्षेत्र में आउटसोर्स कर्मचारी अहसान पुत्र सरीज अब्बास को मेठ बना कर डायरी देकर कार्य कराया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान सहायक नगर आयुक्त ने आउटसोर्स कर्मचारी अहसान को डायरी छोड़ कर झाडू लगाने के लिये निर्देशित किया तो उसने कार्य करने से मना कर दिया।
सड़क किनारे पड़ा हुआ था सीएंडडी वेस्ट
निरीक्षण के दौरान सहायक नगरायुक्त ने पाया कि कारगिल पेट्रोल पंप से डीपीएस रोड तक सड़क किनारे बड़ी-बड़ी घास है और साथ में सीएंडडी वेस्ट भी पड़ा हुआ है। जब एसएफआई से इस संबंध में सवाल पूछा गया तो संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया।