आगरालीक्स…आगरा में नकली दवा सप्लाई करने के आरोप में दक्षिण के दवा कारोबारी के खिलाफ भी मुकदमा. नकली दवाओं में यह तीसरा मुकदमा, बंसल मेडिकल की चल रही जांच
आगरा में शुक्रवार को एसटीएफ और औषधि विभाग की टीम ने फुबबारा दवा बाजार स्थित बसंल मेडिकल और हे मां मेडिको पर छापा मारा था. अगले ही दिन हे मां मेडिको के मोती कटरा स्थित गोदाम पर टीम जांच के लिए पहुंची तो संचालक हिमांशु अग्रवाल ने एक करोड़ की रिश्वत देनी चाही. एसटीएफ ने उसे रिश्वत देने के आरोप में अरेस्ट करने के बाद मेरठ एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया, वहां से उसे जेल भेज दिया गया.दो कंपनियों द्वारा नकली दवा की पुष्टि पर दर्ज कराया मुकदमा
टीम को पुडुचेरी की मीनाक्षी फार्मा द्वारा आगरा भेजी गई सेनोफी कंपनी की एलेग्रा 120 टेबलेट आटो में मिली थी. इसकी कंपनी से जांच कराई गई. जांच में कंपनी ने एलेग्रा टेबलेट को नकली बताया. हे मां मेडिकल की जांच में सनफार्मा कंपनी की रोसूवास 20 और 40 मिग्रा संदिग्ध मिली थी. इसके नमूने लिए गए थे. सनफार्मा ने अपनी जांच में नकली बताया. इसके बाद औषधि विभाग की टीम ने मीनाक्षी फार्मा पुडुचेरी के राजा उर्फ एके राणा, न्यू बाबा मेडिकल लखनऊ के विक्की बाबू और पार्वती ट्रेडर्स के सुभाष बाबू के साथ हे मां मेडिकल एजेंसी के संचालक हिमांशु अग्रवाल को नामजद किया है. टीम ने हे मां मेडिकल से 2.13 करोड़ की दवाएं जब्त की हैं और 14 नमूने लिए हैं. इस मामले में यह तीसरा मुकदमा दर्ज किया गया है.
गोगिया मार्केट स्थित बंसल मेडिकल की अभी जांच चल रही है. इसके संचालक संजय बंसल हैं. टीम ने अभी तक सात नमूने यहां से लिए हैं. जांच भी जारी है.
कोलकाता और बिहार में होती थी सप्लाई
एसटीएफ और औषधि विभाग की जांच में सामने आया है कि दक्षिण से दवाएं आगरा मंगाई जाती थीं और आगरा से कोलकाता, बिहार सहित अन्य राज्यों व शहरों में सप्लाई किया जाता था.