आगरालीक्स…आगरा में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल बोले—लिखता नहीं तो राजनीति में टिकता नही ताज साहित्य उत्सव में दूसरे दिन हुआ सात सत्रों का हुआ आयोजन
लिखता नहीं तो राजनीति में टिकता नहीं। मैंने अपनी छटपटाहट को शब्द देने का प्रयास किया। राजनीति के रास्ते बहुत टेढ़े हैं। मन की छटपटाहट कुंठा न बने इसलिए उन्हें शब्दों में पिरोकर बाहर निकाल दिया। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व लेखक गांव से संस्थापक और 122 पुस्कों से अधिक पुस्तकों के रचनाकार डॉ. रमेश पोखरियाल (निशंक) ने जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में जीडी गोयनका साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित इंटरनेशनल ताज साहित्य उत्सव-2026 में अपने वक्तव्य से हर दर्शक के दिल में अपनी राजनीतिक पहचान के परे लेखक की अमिट छाप छोड़ गए। कहा कि मुझे राजनीति और लेखन में से किसी एक को चुनने को कहा जाए तो राजनीति छोड़ दूंगा।
शब्दों में गुंथी मन की उड़ान के उत्सव ताज साहित्य उत्सव में शिक्षा, साहित्य और राजनीति विषय पर आयोजित सत्र का शुभारम्भ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करते हुए कहा कि लार्ड मैकाले के जाने के बाद पहली बार 2022 में शिक्षा नीति बनी है। आज दुनिया हमारे ही शोध और अनुसंधानों पर अपना ठप्पा लगाकर हमें बांट रही है। गुरुत्वाकर्षण से लेकर शून्य और सर्जरी जैसी सभी विधाओं की उपज बारत में ही हुई है। भारत ने पूरी दुनिया को ज्ञान, विज्ञान, आचार, विचार, संस्कार दिए हैं। हमने पूरी दुनिया को परिवार और उन्होंने दुनिया को बाजार मना है। परिवार में प्यार होता है, बाजार में व्यापार होता है।

केन्द्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी बघेल ने कहा कि सूरदास, नजीर, मीर, गालिब, माखनलाल चतुर्वेदी, द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी सहित तमाम साहित्यकारों की धरती आगरा में अपने पुरखों को याद करने के लिए इस तरह के उत्सव होते रहने चाहिए। जो लोग, शहर और देश अपने पुरखों को याद नहीं रखते नष्ट हो जाते हैं। आगरा को ब्रज और मुगलिया की सांझा संस्कृति का शहर बताते हुए एसपी सिंह बघेल ने कुछ नजाकत भरे अंदाज में पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि हर क्षेत्र से लोग 20-25 साल बाद जब राजनीति आकर दर्जा प्राप्त मंत्री बनते हैं तो मैंने शुरुआत में ही राजनीति को चुनकर मंत्री बनना चुना। सबको देखा, सबको छोड़ा फिर राजनीति में आए। सभी अतिथियों का स्वागत इस अवसर पर शिक्षा गौरव अवार्ड से शहर के विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। संचालन कार्यक्रम के सलाहकार पंकज शर्मा व कार्यक्रम संयोजक पवन आगरी ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से कार्यक्रम समन्वयक पुनीत वशिष्ठ, संजय तोमर, राजेन्द्र सचदेवा, धवल सचदेवा, पुलकित सचदेवा, डॉ. पार्थ बघेल आदि उपस्थित थे।