आगरालीक्स…अच्छी खबर, आगरा के एसएन में पहली सफल ओपन हार्ट सर्जरी, 13 साल के बच्चे को मिला नया जीवन. आगरा और आसपास के हार्ट के मरीजों को अब दिल्ली—जयपुर नहीं जाना होगा…एसएन में मिलेगा उपचार
आगरा और आसपास के जिलों के हार्ट के मरीजों के लिए अच्छी खबर आई है. अब हृदय रोग पीड़ित मरीजों को दिल्ली या जयपुर में स्थित बड़े अस्पतालों की ओर रुख नहीं करना होगा. उन्हें आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में ही हार्ट का उपचार मिलेगा. एसएन मेडिकल कॉलेज के सुपर सुपरस्पेशलिटी विंग में पहली बार किसी मरीज की सफल ओपन हार्ट सर्जरी की गई है. 13 साल के इस मरीज को एसएन में नया जीवन मिला है. एसएन के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय है. कॉलेज के CTVS विभाग ने पहली बार सफलतापूर्वक ओपन हार्ट सर्जरी कर एक 13 वर्षीय किशोर की जान बचाई है. यह जटिल और उच्च जोखिम वाला ऑपरेशन आगरा के चिकित्सा क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हुआ है.
क्या थी बीमारी और क्यों था जोखिम?
मरीज 'कांस्ट्रिक्टिव पेरिकार्डिटिस' से पीड़ित था, जिसमें हृदय के ऊपर मवाद की सख्त परत जमने से वह सही से पंप नहीं कर पा रहा था. डॉ. अतुल कुमार गुप्ता (MCH, प्रोफेसर एवं हेड, CTVS) ने बताया कि धड़कते हुए दिल (Beating Heart) से उस परत को अलग करना तकनीकी रूप से अत्यंत चुनौतीपूर्ण था. इस सर्जरी में 50% तक जान जाने का जोखिम रहता है, जिसे कॉलेज की टीम ने सफलतापूर्वक पार किया.
इनकी रही मुख्य भूमिका
एनेस्थीसिया टीम: डॉ. दीपक और डॉ. मिहिर के विशेष सहयोग से सर्जरी को अंजाम दिया गया.
सर्जिकल एवं ओटी टीम: प्रोफेसर एवं हेड CTVS विभाग डॉ अतुल कुमार गुप्ता, डॉ. शिव (SR), डॉ. शुभांशु, डॉ. सुलभ, डॉ आरती, तकनीशियन सचिन और मोनू.
पोस्ट-ऑपरेटिव केयर: सुपरस्पेशलिटी आईसीयू में डॉ. आकांक्षा और डॉ. सौम्या गुप्ता ने अपनी निगरानी में मरीज को 'हाई रिस्क' जोन से बाहर निकाला.
इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रिंसिपल डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि यह एस.एन. मेडिकल कॉलेज के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव है. उन्होंने विस्तार से बताते हुए कहा कि "आज हमारे संस्थान ने वह मुकाम हासिल किया है जो अब तक केवल बड़े मेट्रो शहरों के कॉर्पोरेट अस्पतालों तक सीमित था. एक 13 साल के बच्चे की जान बचाना हमारे डॉक्टरों की काबिलियत का प्रमाण है. उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य एस.एन. मेडिकल कॉलेज को सुपर-स्पेशलिटी सेवाओं का केंद्र बनाना है ताकि आगरा और आसपास के जिलों के किसी भी गरीब मरीज को इलाज के अभाव में दिल्ली या जयपुर न भागना पड़े. प्रशासन की ओर से CTVS विभाग को अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और हर संभव 'अनकंडीशनल सपोर्ट' मिलता रहेगा ताकि भविष्य में ऐसे और भी जटिल ऑपरेशन यहाँ निरंतर सफल हो सकें."