आगरालीक्स…आगरा में स्वास्थ्य विभाग का छापा. पैथोलॉजिस्ट बनकर झोलाछाप कर रहा था गंभीर बीमारियों की जांच. न डिग्री दिखा सका और न ही लाइसेंस…
आगरा के खेरागढ़ में स्वास्थ्य विभाग ने पैथोलॉजी लैब पर छापा मारा जहां झोलाछाप खुद को पैथोलॉजिस्ट बनकर गंभीर बीमारियों की जांच कर रहा था. यही नहीं जांच रिपोर्ट पर खुद ही हस्ताक्षर करता था. छापा मारने के बाद खेरागढ़ थाने में संचालक के खिलाफ तहरीर दी गई है.
खेरागढ़ के ऊंटगिरी रोड पर अंशुल पैथोलॉजी लैब है. शिकायत थी कि यहां झोलाछाप खुद को पैथोलॉजिस्ट बताकर खून की जांच करता है. इस पर सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने नोड अधिकारी डॉ. जितेंद्र लवानियां को जांच के लिए भेजा. स्वास्थ्य विभाग ने यहां छापा मारा तो संचालक लोकेश जांच करते हुए मिला. लैब में मशीनें, रिपोर्ट और नमूने भी थे. संचालक लोकेश न तो डिग्री दिखा पाया और न ही लाइसेंस. लैब में उपकरण गंदे मिले. इसके अलावा 10 जांच रिपोर्ट भी मिलीं जिस पर डॉक्टर के नाम के नीचे लोकेश के हस्ताक्षर थे.
इस मामले में नोडल अधिकारी डॉ. जितेंद्र लवानिया ने बताया कि टीम ने लैब पर ताला लगाकर चाबी पुलिस को सौंप दी है. इसकी लैब में जाचं कराने के लिए अन्य झोलाछाप भी मरीज भेजते थे. जांच की जा रही है.