आगरालीक्स…आगरा में गणिनी आर्यिका विज्ञमति जी ने दिए प्रवचन. कहा, हमें सुलाने वाली नहीं जगाने वाली मां की अधिक जरूरत है
आज हरीपर्वत स्थित श्री 1008 शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर के शान्तिसागर सभागार में सोमवार को मंगल प्रवचन का आयोजन किया गया. जिसमें गणिनी आर्यिका श्री 105 विशुद्धमती माता जी की प्रयाग्र शिष्या प्रज्ञा पद्म्नि आर्यिका श्री 105 विज्ञमती माताजी ने मंगल प्रवचन में बोलते हुए भक्तों से कहा कि दिन तो हर अच्छा है प्रत्येक दिवस प्रत्यार्वतन हो रहा है, यानी कल कुछ था आज कुछ और है और कल कुछ और होगा. उन्होंने कहा जीवन में अच्छे मित्र बनायें जो तुम्हे सही राह दिखायें. हम पुरुषार्थ करें फल की इच्छा न करें क्योंकि वर्तमान अच्छा है तो भविष्य भी अच्छा होगा.

उन्होंने जीवन में मां की महिमा सुनाते हुये कहा कि जहां जननी मां की गोद में आकर लोरी सुनते हुये सारी थकान दूर हो जाती है वहीं जिनवाणी मां हमें जगाती है और हमारे कर्तव्यों के प्रति हमें सावधान रखती है. हमें सुलाने वाली नहीं जगाने वाली मां की अधिक जरूरत है. इससे पूर्व संघ की विजितमती माताजी ने भी अपने उद्बोधन में कहा कि चाहें बचपन में जागो अथवा बचपन, लेकिन जाग जाओ कब अंधेरा हो जाय पता नहीं. उन्होंने कहा कि आगरा नगर का सौभाग्य है कि माताजी का संघ यहां पधारे है, जितना लाभ ले सकते हैं ले, वरना कब यह मौका भी हाथ से निकल जाये.
मीडिया प्रभारी शुभम जैन के मुताबिक माताजी के नित्य मंगल प्रवचन ठीक प्रात 8.45 पर प्रारम्भ होते हैं. धर्म सभा का संचालन मनोज जैन बाकलीवाल द्वारा किया गया. इस धर्मसभा में आगरा दिगम्बर जैन परिषद के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन, महामंत्री सुनील जैन, अर्थमंत्री राकेश जैन, मनीष जैन, नरेन्द्र सौगानी, अजय जैन, संतोष जैन, मीडिया प्रभारी शुभम जैन, सपना जैन, आयुषी जैन, बीना बैनाड़ा समस्त अनेक भक्त मौजूद रहे.