आगरालीक्स…इंटरनेशनल डीप एंडोमेट्रियोसिस एनालिसिस ग्रुप बनाया गया है, यह एंडोमेट्रियोसिस के इलाज को लेकर मानक निर्धारित करेगा, जानिए क्या है महिलाओं को होने वाली यह बीमारी जिससे 25 प्रतिशत महिलाएं हैं ग्रसित, 70 फीसद को छोड़ना पड़ता है काम
आगरा आब्स एंड गायनी सोसायटी (एओजीएस) की एक कार्यशाला शनिवार को संजय प्लेस स्थित होटल पीएल पैलेस में हुई। इसमें चिकित्सकों ने तकनीकी ज्ञान को साझा किया। पहले सत्र में वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मधु राजपाल ने कैल्शियम के मिथ्यों से पर्दा हटाया। कहा कि शरीर में कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए दवाएं अब पहले से कई गुना आधुनिक उपलब्ध हैं। अब आयोनिक फाॅर्म में भी कैल्शियम उपलब्ध है। 5000 मिलीग्राम की जगह 500 मिलीग्राम से इसकी भरपाई की जा सकती है। उन्होंने बताया कि गर्भवती के शरीर से ही गर्भस्थ शिशु को पोषण मिलता है। अन्य पोषक तत्वों की तरह कैल्शियम भी प्रेग्नेंसी में मां और बच्चे दोनों के लिए जरूरी होता है। इससे गर्भ में पल रहे शिशु के विकास में मदद मिलती है। इसकी कमी होने से जटिलताएं आ सकती हैं। कैल्शियम गर्भ में पल रहे शिशु के दांतों और हड्डियों को मजबूती देता है। मांसपेशियों, दिल और नसों के विकास को बढ़ावा देता है।

इस सत्र की अध्यक्षता डाॅ. सीमा सिंह और डाॅ. मेघा गुप्ता ने की। वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅ. नरेंद्र मल्होत्रा ने इंटरनेशनल डीप एंडोमेट्रियोसिस के मापदंडों पर जानकारी दी। कहा कि एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी बीमारी है जो आजकल 25 फीसद तक महिलाओं में पाई जा रही है। विश्व में 70 प्रतिशत तक महिलाएं इसमें होने वाले दर्द की वजह से काम छोड़ देती हैं। एक अंतर्राष्ट्रीय डीप एंडोमेट्रियोसिस एनालिसिस ग्रुप बनाया गया है जिसमें इस बीमारी का पता लगाने के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञों का मार्गदर्शन किया गया है। कई तरह की स्कोरिंग के माध्यम से मरीजों के इलाज की भी अलग-अलग कैटेगिरी बनाई गई हैं। इसका कोई स्थाई इलाज तो नहीं है लेकिन आधुनिक दवाओं के माध्यम से काफी हद तक आराम पाया जा सकता है और इसे अनियंत्रित होने से बचाया जा सकता है।
इस सत्र की अध्यक्षता डाॅ. संतोष सिंघल और डाॅ. अनुपम त्यागी ने की।
सचिव डाॅ. सविता त्यागी ने कहा कि चिकित्सकीय ज्ञान को बढ़ाने और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से मरीजों को आधुनिक चिकित्सा पद्धति का लाभ पहुंचाने के लिए इस तरह की कार्यशालाएं बेहद जरूरी हैं। संचालन डाॅ. अनुश्री रावत और डाॅ. किया पाराशर जैन ने किया।
इस अवसर पर डॉ जयदीप मल्होत्रा, डॉ सीमा सिंह, डॉ अलका बंसल, डॉ सुमन गोयल, डॉ संध्या अग्रवाल, डॉ डॉ अलका मोदी, डॉ संधि, डॉ रजनी गुप्ता, डॉ अंजना चौधरी, डॉ सुधा लवानिया, डॉ नूपुर, डॉ पद्मा विश्वानी, डॉ कुमुद तोमर, डॉ वर्षा, डॉ रेखा, डॉ जौली, डॉ शिवानी शिखा, डॉ मनीषा आदि मौजूद थीं।