आगरालीक्स…आगरा में जनसेवा केंद्र संचालक कर रहा था साइबर क्रिमिनल्स की मदद. लोगों के बैंक एकाउंट, एटीएम और क्यूआर कोड देता था…फ्रॉड के पैसे होते थे ट्रांसफर, मिलता था कमीशन, तीन अरेस्ट
आगरा में जनसेवा केंद्र चलाने वाला युवक और उसके साथी साइबर अपराधियों की मदद कर रहे थे. जनसेवाकेंद्र संचालक लोगों के खाते, एटीएम कार्ड और क्यूआर कोड तक साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था. पुलिस ने “ऑपरेशन कोड ब्रेक" के तहत भोले-भाले लोगों से धोखाधड़ी कर QR कोड, खाता संख्या, एटीएम कार्ड आदि के माध्यम से साइबर ठगी के पैसों को रूट करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 03 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनके पास से 01 कार, घटना में प्रयुक्त 04 मोबाइल फोन, 07 एटीएम कार्ड एवं रू0 16,800 नगद बरामद किए हैं.ये है मामला
दो अगस्त को थाना साइबर क्राइम को सूचना दी कि उसके भतीजे साहिल निगम पुत्र स्व. टीटू निगम निवासी रामनगर थाना जगदीशपुरा आगरा के मोबाइल पर लगातार संदिग्ध कॉल और मैसेज आ रहे थे. जब उनके द्वारा साहिल का फोन चेक किया गया तो उसमें अभय नामक युवक द्वारा खातों के लेन-देन से संबंधित अनेक संदेश पाए गए. साहिल ने उक्त सम्बन्ध में बताया कि अभय वर्मा नाम का व्यक्ति उसे बहला- फुसलाकर उसका बैंक खाता, एटीएम कार्ड यह कहकर ले गया था कि उसके बैंक खाते की लिमिट पूरी हो गई है और उसे पैसे मंगवाने हैं तथा उसने मेरे भतीजे का एटीएम कार्ड अपने साथी कार्तिक व प्रियांशु को दे दिया. साहिल के खाते में 3-4 बार पैसे आये तथा ये तीनों साहिल का एटीएम कार्ड लेकर पैसे निकालकर एटीएम कार्ड वापस कर देते थे. इस सम्बन्ध में थाना साइबर क्राइम आगरा पर अभियुक्तगण अभय, कार्तिक एवं प्रियांशु के विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया.
इन तीन युवकों को किया अरेस्ट
पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ करने पर अभियुक्तों ने अपना नाम
- अभय वर्मा पुत्र श्री मनीष वर्मा निवासी सेक्टर-4 आवास विकास कालोनी थाना जगदीशपुरा आगरा,
- कुन्दन उर्फ कार्तिक पुत्र श्री दिलीप निवासी नोवस्ता थाना लोहामण्डी आगरा,
- प्रियांशु पुत्र रामलखन निवासी राजनगर वाल्मीकि बस्ती थाना लोहामण्डी आगरा, स्थायी निवासी सेक्टर-8 आवास विकास कालोनी थाना जगदीशपुरा
अभय चलाता है जनसेवा केंद्र
बरामदगी के सम्बन्ध में अभियुक्त अभय वर्मा ने बताया कि बोदला सेक्टर-04 जगदीशपुरा में उसका एक जनसेवा केंद्र है जिसका नाम " अपना कम्युनिकेशन साइबर कैफे" है. वहीं पर उसकी मुलाकात आयुष नामक व्यक्ति से हुई, जिसने कथित तौर पर गेमिंग के नाम पर उसके बैंक खाते, एटीएम कार्ड व QR कोड की जानकारी मांगी, इसके बदले कमीशन देने की बात कही गई. अभय वर्मा ने लालच में आकर आयुष और उसके साथी मुकेश को अपने व अन्य लोगों के खाते, एटीएम कार्ड व QR कोड देना शुरू कर दिया. इन खातों में समय-समय पर साइबर ठगी के पैसे आते थे, जिन्हें अभियुक्त अभय वर्मा CDM मशीन के माध्यम से अन्य खातों में ट्रांसफर कर देते थे और कमीशन के रूप में अपना हिस्सा रखते थे.
दोनों काम करने वलो भी हुए शामिल
अभय के साथ उसके जनसेवा केंद्र में काम करने वाले अभियुक्त कुन्दन उर्फ कार्तिक और अभियुक्त प्रियांशु भी इस अपराध में शामिल हो गए, उन्होंने भी अन्य लोगों से खाते, QR कोड व एटीएम कार्ड जुटाकर साइबर ठगों को मुहैया कराए. पूछताछ में तीनों अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे षड्यंत्रपूर्वक लोगों को बहला-फुसलाकर बैंकिंग विवरण प्राप्त कर साइबर ठगी के लेन-देन में शामिल थे. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हाल ही में साहिल नामक युवक को भी बहला फुसलाकर षड़यन्त्र के तहत इसी प्रकार QR कोड, एटीएम कार्ड आदि जानकारी प्राप्त कर उसके माध्यम से ठगी की गई थी. आज भी अभियुक्तगण राजस्थान जाकर नए खाताधारकों से बैंक विवरण लेने जा रहे थे.