आगरालीक्स…आगरा में पूज्यश्री जया किशोरी ने सुनाई श्रीकृष्ण और श्रीराम जन्मोत्सव की कथा. कथा सुनने भक्तों की उमड़ी भीड़. नाचते—गाते श्रद्धालु और जयकारों के बीच बंटे उपहार
भक्तिमय उत्सव। हर भक्त के मुख पर जय श्रीकृष्ण के जयकारे। उत्सव में झूमते नाचते श्रद्धालु। खुशी में बंटते उपहार। मानों कथा परिसर गोकुल धाम बन गया। हजारों भक्तों से खचाखच भरे पण्डाल में दोनों हाथों को ऊपर उठाए भक्ति में डूबे श्रद्धालु गोपी और सखा का रूप लग रहे थे। फतेहाबाद रोड स्थित राजदेवम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक जया किशोरी जी ने व्यासपीठ से बैठकर आज श्रीराम व श्रीकृण्ण जन्म के साथ वामन अवतार की कथा का भक्तिमय वर्णन किया।परिसर को आज विशेषरूप से गुब्बारों से सजाया गया। कथा के साथ स्वरूपों द्वारा मंचन हर उम्र के भक्तों को आकर्षित करता नजर आया। बधीयां गाई गई जिस पर हर श्रद्धालु भगवान के प्रकट होने के उत्सव में झूमता नजर आया। धर्म कथा का वर्णन करते हुए कहा कि भोजन, शादी, मृत्यु और सत्संग में बदली नहीं चलती। इन चीजों का फल पाने के लिए कर्म भी आपको ही करना होगा। स्वर्ग मरने पर ही मिलता है। यदि स्वर्ग चाहिए तो पुण्य कर्मों के साथ मृत्यु को तो पाना पड़ेगा। राजा बलि व वामन अवतार की कथा में कहा कि जब-जब धरती पर पाप बढ़, तब-तब प्रभु ने अवतार लिया। नारद मुनि व युधिष्ठर के बीच चर्चा की प्रसंग कहते हुए धर्म की कथा कहते हुए घर्म के पांच लक्षण बताए। सत्य, दया, पवित्रता, संतोष और दान। मोहिनी रूप के माध्यम से नारायण ने समझाया कि बाहरी सुन्दरता के पीछे जाओगे तो अमृत हाथ से निकल जाएगा। दैत्य कामी थे जिन्हें सिर्फ सुन्दरता दिखती थी।
सुन्दरता से सिर्फ आकर्षण और प्रेम गुणों से होता है। गजेन्द्र मोक्ष की कथा के माध्यम से सांसारिक रिश्तों का सत्य समझाया। दिति और अदिति की कथा के साथ राजा बलि और भगवान के वामन अवतार की कथा का वर्णन किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से केन्द्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, कैबिनेट मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, राजकुमार गुप्ता, राधा गुप्ता, विकास मांगलिक, जयश्री मांगलिक, अनिल गुप्ता, रेखा गुप्ता, संतोष शर्मा, ललिता शर्मा, सत्यप्रकाश गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, सुनील गुप्ता, राजीव गुप्ता, विनीत मांगलिक, अंजु मांगलिक, ऋषिक मांगलिक, तनु मागंलिक, अर्पित गुप्ता, आकांक्षा गुप्ता, मनोज गर्ग, रितु गर्ग, रेनू गुप्ता, मीतेश मित्तल, सीमा मित्तल, बृजमोहन रैपुरिया, मनीष पारौलिया, संदीप गुप्ता, अशोक गुप्ता, पवन गुप्ता, सुशील गुप्ता,
गंगा में डुबकी लगाने से सोची समझी साजिश नहीं अनजाने में किए पाप धुलते हैंगंगा में डुबकी लगाने से व्यक्ति की सोची समझी साजिशे नहीं धुलती। अनजाने में किए अपराध मिटते हैं। वो भी तब व्यक्ति मन से प्रायश्चित करे। लोग इस लगतफहमी न रहे कि पाप कर लें फिर गगा में डुबकी लगाकर पाप धो लेंगे। पूज्यश्री जया किशोरी ने धर्म के 30 लक्षणों में मुख्य पांच लक्षणों का वर्णन करते हुए कहा कि धर्म की नींव सत्य है। दूसरा लक्षण दया, तीसरा, पवित्रता, तपस्या, फिर तितिक्षा है।
त्याग बिना नहीं मिलेगी तृप्ति
त्याग के बिना तृप्ति नहीं मिलती। भक्त प्रह्लाद व श्रीहरि के संवाद का वर्णन करते हुए पूज्यश्री जया किशोरी ने कहा कि व्यक्ति मोह, माया, भोग, विलास जैसे बंधनों में बंधा है। हम इतने स्वार्थी हो गए हैं कि काम न होने पर भगवान भी बदल लेते हैं। हमसे क जीवन नहीं सम्भलता और संसार चलाने वाले को ज्ञान देने लगते हैं। भगवान का बनाया मनुष्य चार युगों से चल रहा है। मनुष्य के बनाए मोबाइल की तरह उसे हर वर्ष अपग्रेड करने की जरूरत नहीं। न ही वर्ष में 10 बार अपडेट करना पड़ता है।
सत्संग में बदली नहीं चलती
जीवन में कुछ चीजों में एक्सचेंज नहीं चलता। भूख लगी है तो बोजन खुद को ही करना होगा। मृत्यु आये तो कोई दूसरा नहीं आपको ही जाना होगा। इसी तरह सत्संग का पुण्य मिलने में बी बदली नहीं होती। कथावाचक जया किशोरी ने कहा कि विशेषकर यह ज्ञान पुरुषों के लिए है। कुछ पुरुष सोचते हैं कि उनकी पत्नी का किया पूजा पाठ का आधा पुण्य उनको मिल जाएगा। यह गलत धारणा है। आपके हिस्से का भजन कीर्तन आपको ही करना होगा। भगवान की कृपा के बिना व्यक्ति को उनकी भक्ति भी नहीं मिलती। भक्ति भी आसानी से नहीं होती।
है दुख भंजन मारुति नन्दन, सुन लो मेरी पुकार…
राधारानी के संग श्रीहरि के भजन और उस पर भक्त हनुमान का कीर्तन। कथा के साथ नारायण के भजनों ने वातारण को भक्ति का उत्सव बना दिया। मुझे ऐसी लगन तू लगा दे, मैं तेरे बिन पल न रहूं…, राधे तेरे चरणों की गर धूल जो मिल जाए…, तेरे नाम का पुजारी आया, तरे दर का भिखारी आया…, श्रीराम जानकी बैटे हैं मेरे सीने में…, है दुख भंजन मारुति नन्दन, सुन लो मेरी पुकार, पवन सुत विनती बारम्बार…, कीजो केसरी लाल मेरा छोटा सा ये काम… जैसे भजनों पर आज हर श्रद्धालू झूमता नजर आया।