आगरालीक्स…खादी अब सिर्फ कुर्ते—पजामे तक सीमित नहीं बल्कि फैशन स्टेटमेंट है, आगरा में खादी एवं ग्रामोद्योग महोत्सव देख आगंतुकों की आंखें चौंधिया गईं, बोले ये तो ‘देसी’ के ग्लोबल तड़के की तरह
आगरा में पहली बार खादी ने अपनी ताकत दिखाई है। यहां बल्केश्वर पार्क में खादी एवं ग्रामोद्योग महोत्सव 2025 चल रहा है। यहां घूमने आने वाले देसी उत्पादों की खूबसूरती और स्वाद से हैरान हैं। अधिकांश लोगों का कहना है यहां आकर पहली बार लगा कि खादी अब सिर्फ कुर्ते—पजामे का नाम नहीं है बल्कि खादी एक फैशन स्टेटमेंट बन चुका है, यह फास्ट फैशन है।
महोत्सव में मुजफ्फर नगर से आए एक कारोबारी गन्ने से बने प्राकृतिक गुड़, शहद, सिरका आदि बेच रहे हैं। उन्होंने बताया कि लोग प्राकृतिक चीजों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। कई लोग बी-पोलन के ऑनलाइन ऑर्डर दे रहे हैं। वहीं राजस्थान के बीकानेर से आए एक अन्य कारोबारी तरह—तरह के नमकीन, अचार और पापड़ लेकर बैठे हैं। इन्होंने बताया कि पहले दिन लोग आए तो एकाध ही प्रोडक्ट खरीदा। लेकिन जिन्होंने एक बार स्वाद चखा वो दोबारा आया। आखिर तक आते—आते सेल धड़ल्ले से हो रही है। खादी के बने गर्म कपड़ों, जिसमें बंडी, ब्लेजर, क्रॉप टॉप, महिलाओं के गर्म सूट, शॉल जैसी चीजों पर तो जैसी भीड़ टूट रही है।
यहां कपड़ों की स्टाल लगाने वालीं एक महिला उद्यमी का कहना है कि खादी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह गर्मियों में ठंडी और सर्दियों में गर्म रहती है। पॉलिएस्टर वाले वेस्टर्न सिंथेटिक कपड़े त्वचा के लिए हानिकारक हो सकते हैं और पसीना नहीं सोखते, जबकि खादी भारतीय जलवायु के लिए सबसे आरामदायक है।
बताते चलें कि इस दस दिवसीय आयोजन में प्रदेश के सौ से अधिक उद्यमी शामिल हैं। यह अपनी-अपनी पारंपरिक और आधुनिक स्वदेशी वस्तुओं को स्टॉल लगाकर प्रदर्शित कर रहे हैं। सहारनपुर का नक्काशीदार फर्नीचर, वाराणसी की रेशमी साड़ियां, भदोही की कालीन, आगरा के लेदर उत्पाद और प्रतापगढ़ के आंवला उत्पाद आदि अनेक स्टॉल महोत्सव में लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।
यहां आए लोगों से जब आगरालीक्स ने बात की तो खादी के प्रति बढ़ते आकर्षण की झलक नजर आई। बल्केश्वर के ही गौरव ने कहा कि खादी किसी से कम नहीं है। प्रदर्शनी से साफ जाहिर हो रहा है कि खादी ने अपनी पारंपरिक छवि को तोड़कर ग्लोबल फैशन प्लेटफॉर्म पर अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है। यह आधुनिक वेस्टर्न कल्चर और फास्ट फैशन को पीछे छोड़ रही है।
प्रदर्शनी में आईं कमला नगर की दिशा ने बताया कि आज के डिजाइनर खादी ब्लेजर, खादी पैंट सूट, खादी क्रॉप टॉप, खादी स्कर्ट्स, खादी डेनिम और दूसरी ड्रेसेस बना रहे हैं, जो दिखने में बेहद क्लासी और रॉयल लगते हैं।
महोत्सव में आए एक अन्य युवा तुषार ने कहा कि खादी को खरीदने के कई फायदे हैं। यह ग्रामीण बुनकरों और स्थानीय कारीगरों को रोजगार देने का एक जरिया है। एक अन्य युवा शुभम ने कहा कि खादी एक यूनिक और रॉयल लुक देता है। पिछले कुछ समय में खादी के प्रति लोगों का नजरिया बदला है।
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