आगरालीक्स…आगरा के डॉ. एमपीएस वर्ल्ड स्कूल में मनाई गई लाला लाजपत राय की जयंती. बच्चों ने नाटक के माध्यम से दिखाया लाला जी का संघर्ष
महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय की जयंती को डॉ. एमपीएस वर्ल्ड स्कूल में मनाया गया। सर्वप्रथम विद्यालय के अध्यक्ष स्क्वाड्रन लीडर एके सिंह, प्रधानाचार्य राखी जैन और डीन एकेडमिक्स एचएल गुप्ता ने उनके तैल चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर विशेष प्रार्थना-सभा का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों ने उनके जीवन चरित पर अपने विचारों को प्रकट किया। साथ ही साथ उनके जीवन से संबंधित विभिन्न प्रसंगों को नाटक के माध्यम से दिखाया गया। लाला लाजपत राय का किरदार अरुनिम पाठक ने निभाया। हार्दिका सोलंकी, सिया अग्रवाल और उत्कर्ष अग्रवाल ने अपने विचारों को प्रकट किया।

विद्यालय के अध्यक्ष स्क्वाड्रन लीडर एके सिंह ने उपस्थित सभी लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि लाला लाजपत राय भारत के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और समाज सुधारक थे। जिनका जीवन राष्ट्रवादी विचारधारा और देशभक्ति के प्रति समर्पित था। उन्होंने अपने कार्यों और विचारों के माध्यम से न केवल देशवासियों में स्वतंत्रता की भावना जाग्रत की बल्कि अपने साहस और संघर्ष से ब्रिटिश शासन को भी चुनौती दी। लाजपत राय के अनुसार देशभक्ति केवल एक भावुक भावना नहीं थी बल्कि यह स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के प्रति अटूट प्रेम का प्रतीक थी। उनकी मृत्यु लाठीचार्ज के दौरान हुई लेकिन उन्होंने अपने बलिदान से देशभक्ति और राष्ट्रीय आंदोलन को एक नई दिशा दी। उनकी यह पंक्ति, “मेरे शरीर पर पड़ी हर लाठी ब्रिटिश साम्राज्य के ताबूत में एक कील होगी। उनके अदम्य साहस और निस्वार्थ त्याग का प्रतीक है।
विद्यालय की प्रधानाचार्य राखी जैन ने कहा कि लाला लाजपत राय के संघर्षपूर्ण जीवन से बच्चों को विषम परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। जो लोग जरा-सी कठिनाइयों को देखकर अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं, उन्हें लाला लाजपत राय के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। स्वतंत्रता सेनानियों ने जान की बाजी लगाकर इस देश को आजाद करवाया। देश के युवावर्ग को लाला लाजपत राय जैसे महापुरुषों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। इस अवसर पर डीन एडमिनिस्ट्रेशन चंद्रशेखर, समन्वयक योगी चाहर, रीनू चौधरी, किंजल जैन, दिव्या खंडेलवाल, अंकित कुमार सहित विद्यालय के सभी शिक्षक उपस्थित रहे। मंच का संचालन ईशान सिंघल और कनिका गोयल ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
एक नया इतिहास लिखकर सन्नाटे में खो गए
फिर से वीर भारत माँ के शहीद हो गए।