आगरालीक्स…डायबिटीज को कैसे कंट्रोल किया जा सकता है, इस पर यूपीआरएसएस डी आई के अधिवेशन में डॉक्टरों ने दिए जरूरी व्याख्यान
यूपीआरएसएस आई के 11 वे अधिवेशन में आज अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कई चिकित्सकों द्वारा व्याख्यान दिए गए. सर्वप्रथम डॉक्टर संजय अरोरा लखनऊ के चिकित्सक द्वारा दिनचर्या में बदलाव से डायबिटीज को कैसे रोका जा सकता है कि विषय में बताया. धनबाद से डॉक्टर एनके सिंह द्वारा कसरत एवं फिजिकल एक्टिविटी से किस तरह डायबिटीज को कंट्रोल किया जाए, इस बारे में व्याख्यान दिया गया. अहमदाबाद से आए चिकित्सक डॉक्टर बंसी साबू द्वारा भारत में डायबिटीज महामारी से ग्रस्त लोगों के डाटा प्रस्तुत किए गए. हिंदुस्तान में लगभग 8 परसेंट लोगों को डायबिटीज है यह भी बताया गया. हैदराबाद से आए डॉ वसंत कुमार द्वारा डायबिटीज से होने वाली किडनी संबंधित समस्याओं के बारे में व्याख्यान दिया गया. डायबिटीज कंट्रोल के लिए प्रयोग की जाने वाली नए उपकरणों जैसे एजीपी एवं एसएमबीजी की महत्वता के ऊपर डॉक्टर अरविंद बेंगलुरु तथा डॉ भरत साहू इंदौर के द्वारा व्याख्यान दिए गए.

लखनऊ के डॉक्टर अनुज महेश्वरी द्वारा सस्ती एवं बेहतर इंसुलिन से संबंधित व्याख्यान दिए गए. ग्वालियर से डॉ नवनीत अग्रवाल द्वारा फैटी लीवर से डायबिटीज के खतरे से संबंधित व्याख्यान दिया गया. बनारस से आए पद्मश्री डॉ कमलाकर त्रिपाठी द्वारा डायबिटीज में एस्प्रिन की महत्वता पर प्रकाश डाला गया. चंडीगढ़ से आए चिकित्सक डॉ आशु रस्तोगी द्वारा डायबिटीज में गुड़ दो संबंधित होने वाली बीमारियों के इलाज के बारे में बताया. चेन्नई से वीडियो द्वारा डॉक्टर वी मोहन द्वारा मोनोजेनिक डायबिटीज के बारे में व्याख्यान दिया गया. डॉ अंजना पांडे, डॉ अजीत चाहर, डॉ सूर्य कमल एवं डॉ जितेंद्र धनेरिया द्वारा पोस्टग्रेजुएट्स छात्रों द्वारा रिसर्च पेपर प्रजेंट किए गए. पेपर प्रेजेंटेशन के मुख्य जज डॉक्टर एस के कालरा, डॉ अनु निगम झांसी, डॉ रामेश्वर दयाल द्वारा किया गया.