आगरालीक्स ….आगरा में स्वास्थ्य विभाग की टीम घर घर पहुंच रही हैं ये है कारण।
आगरा के नगला विधिचंद निवासी अहमद (बदला हुआ नाम) के लिए कुष्ठ रोगियों को खोजने का अभियान वरदान साबित हुआ। अभियान के जरिये ही वह सरकारी इलाज तंत्र से जुड़े और एक वर्ष के उपचार के बाद कुष्ठ से मुक्ति पा चुके हैं। उनके जैसे चालीस लोग बीते दो वर्षों में इलाज के जरिये कुष्ठ को मात दे चुके हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि इस साल भी सितंबर माह में भी इस अभियान को संचालित किया जा रहा है। इसके तहत 15 ब्लॉक सहित छह नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के क्षेत्रों में 1293 टीम द्वारा घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है।उन्होंने बताया कि एक सितंबर से संचालित अभियान में अभी तक 30 संभावित कुष्ठ रोगियों की पहचान की गई। जांच में पुष्टि होने के बाद इनका उपचार शुरू किया जाएगा।
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. सीएल यादव ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष 2021-22 में 64 नये मरीज चिन्हित हुए थे l अप्रैल 2022-23 में 107 नये मरीज चिन्हित हुए थे । इन सभी मरीजों को उपचारित कर दिया गया है l अप्रैल 2023से अब तक 72 नये मरीज चिन्हित हुए हैं। सभी का उपचार जारी है।
उन्होंने बताया कि यदि किसी को मांसपेशियों में कमजोरी, त्वचा पर धब्बे और कम संवेदना होना या कोई संवेदना न होना, पैर और हाथों में सुन्नता महसूस होना, पैरों और हाथों पर दर्द रहित घाव या जलन, त्वचा पर लाल धब्बे या उनमें रंजकता की कमी होना जैसे लक्षण हैं तो तुरंत इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग की टीम को दें ताकि समय से बीमारी की पहचान कर इलाज हो सके। कुष्ठ रोगियों के लिए मल्टी ड्रग थेरेपी (एमडीटी) को अत्यधिक प्रभावी उपचार माना जाता है और एक खुराक के बाद भी पीड़ित व्यक्ति संक्रामक नहीं रहता है।
डिप्टी डीएलओ डॉ. ध्रुव गोपाल ने बताया कि कुष्ठ रोगियों से भेदभाव न करें । यह आम संक्रमण की तरह ही है, जो मल्टी ड्रग थेरेपी (एमडीटी) से ठीक हो जाता है लेकिन समय पर इलाज न किया जाए तो यह बीमारी दिव्यांगता का भी रूप ले सकती है।
ऐसे होता है उपचार
पीबी- (पॉसी बेसिलरी) छह माह तक इलाज
एमबी- (मल्टी बेसिलरी) 12 माह तक इलाज